अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक निस्वार्थ व निःशुल्क भाव से मानव धर्म की सेवा करना माना अपना कर्तव्य-ओम नारायण दास

अयोध्या(संवाददाता) सुरेन्द्र कुमार। ओम नारायण दास का कहना है कि निस्वार्थ व निःशुल्क भाव से लोगों की सेवा करना ही सबसे बड़ी मानवता है, इसी उद्देश्य के साथ अयोध्या जनपद के दतौली गांव के रहने वाले ओम नारायण दास ने अयोध्या से लेकर कलकत्ता व कलकत्ता से लेकर रामेश्वरम तक कई पूजन करवा चुके है। परोपकार से बढ़कर कोई धर्म नहीं है, इसी को फलीभूत करने के लिये हमने अपने गुरु महाराज को वचन दिया है कि निःशुल्क भाव से हम सेवा करते रहेंगे जबकि दक्षिणा के ऊपर न हम भोजन करेंगे और न ही कथा कहेंगे, बल्कि निःशुल्क व निस्वार्थ से भाव से चाहे वह अमीर हो या गरीब सभी की सेवा करना ही हमारा परम् कर्तव्य है और धर्म भी। उन्होंने बताया कि हम कई पूजन करवा चुके है, सीओ साहब से लेकर कमिश्नर साहब तक व सचिव से लेकर अपर सचिव तक सभी हमसे जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि अभी जौनपुर निवासी देवेंद्र वर्मा जी के यहां एक कार्यक्रम संपन्न कराकर वापस आये हैं और पटना में एक कार्यक्रम आयोजित है, जिसमें शिरकत करने के लिये वहां जाना है, और इसी तरह कार्यक्रम चलता रहता है।

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