विहिप प्रवक्ता ने हस्ताक्षर न करने का एसडीएम सदर पर लगाया आरोप,एसडीएम सदर ने बताया निराधार 

अयोध्या।(डा.अजय तिवारी जिला संवाददाता)
अयोध्या के विहिप मुख्यालय कारसेवक पुरम में संचालित श्रीराम गोशाला के वार्षिक अनुदान की फाइल पर हस्ताक्षर न करने पर विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा एसडीएम सदर प्रशांत कुमार पर खफा हो गए हैंlउन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी अयोध्या से इस मामले की शिकायत की है।गोशाला में निरीह गोवंश की हो रही सेवा, वही श्रीराम गोशाला समिति के सह प्रबंधक शरद शर्मा ने लगाते हुए कहा कि यह स्थिति जब इस गोशाला की है तो अन्य के साथ क्या हो रहा होगाl उन्होंने कहा कि श्रीराम गोशाला गत 30 वर्षों से निरीह औरअसहाय जिसमें अधिकतर तस्करों से छुड़ाए गए गो वंश हैं, जिनकी रक्षा व संवर्धन यह आत्मनिर्भर व स्वालंबी गोशाला करती रही है। जिसके वर्तमान में श्रीरामजन्म तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सचिव चंपत राय तथा उपाध्यक्ष अयोध्या सांसद लल्लू सिंह विहिप संरक्षक व प्रबंधक पुरूषोत्तम नारायण सिंह हैं।
विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने सीएम को ट्वीट कर इस मामले की शिकायत की।विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने एसडीएम पर यह आरोप लगाते हुये सीएम को ट्वीट कर इस मामले की शिकायत किया कि एसडीएम सदर ने गोसेवकों को यह कहकर लौटा दिया कि मेरे पास फुर्सत नहीं है।इस संबंध में शरद शर्मा ने बताया कि मेरी स्वयं एसडीएम सदर से दूरभाष पर हुई वार्ता के बाद श्रीराम गोशाला के सेवकों को वार्षिक अनुदान राशि प्राप्त करने हेतु “गौ सेवा” आयोग को भेजी जाने वाली फाइल पर हस्ताक्षर करने के लिए भेजा गया। लेकिन एसडीएम सदर ने गोसेवकों को यह कहकर लौटा दिया कि मेरे पास फुर्सत नहीं है।उन्होंने कहा कि एक चर्चित और सक्रिय गोशाला के साथ जब एक प्रशासनिक अधिकारी का ऐसा बर्ताव है, तो अन्य गौशालाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा यह प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।उन्होंने कहां इस विषय से ट्वीट करके प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व जिला अधिकारी अयोध्या को भी अवगत करा दिया गया है। एसडीएम सदर ने कहा कि मेला व अन्य व्यस्तताएं रहीं।वही इस संबंध में एसडीएम सदर बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि विकास योजनाओं व कार्तिक मेले की व्यस्तता के कारण कुछ फाईलों पर काम नहीं हो सका जिन्हें शीघ्र निपटाया जाएगाl।उन्होंने कहा कि अयोध्या में कई विकास योजनाएं चल रही हैं जो सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

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