अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में वैदिक गणित विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ

अयोध्या। जनपद अयोध्या के डॉ० राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में सोमवार को 2021 को वैदिक गणित विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।व्याख्यान को संबोधित करते हुए श्रीगोवर्धन मठ,पुरी उड़ीसा के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि भूत, भविष्य व वर्तमान में जितना भी ज्ञान-विज्ञान व आविष्कार अभिव्यक्त हो रहा है वह सब वेदों से ही उत्पन्न हुआ है।
अवध विश्व विद्यालय में शंकराचार्य महाराज को सुनने के लिए जुटे भक्त अवध विश्व विद्यालय में शंकराचार्य महाराज को सुनने के लिए जुटे भक्त गणना के लिए हर छोटे-बड़े यंत्र का आविष्कार अंततः मानव के ज्ञान से ही सम्भव भारतीय ज्ञान-विज्ञान के गौरवशाली स्वर्णिम आधार स्तंभों में से वैदिक गणित प्रमुख है। वर्तमान समय में छोटी-छोटी गणना के लिए भी कैलकुलेटर पर निर्भर रहने वाले लोगों के मध्य वैदिक गणित यह प्रमाण प्रस्तुत करता है कि मनुष्य मस्तिष्क से अधिक क्षमतावान कोई यंत्र नहीं है।गणना के लिए हर छोटे-बड़े यंत्र का आविष्कार अंततः मानव के ज्ञान से ही सम्भव हो पाया है। आज पहली बार शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी के आगमन पर वेद मंत्रों की मुखर ध्वनि के मध्य संत कबीर सभागार में हर एक अंतःकरण ने अध्यात्मिक शांति व भक्ति प्रेरणा की दिव्य तरंगों का साक्षात दर्शन व अनुभव किया। गणित की सीमा का अतिक्रमण करके किसी भी वस्तु की रचना कर पाना असंभव, कार्यक्रम में श्री शंकराचार्य ने वैदिक गणित, ऋग्वेद, अथर्ववेद, तैत्तिरीय उपनिषद, छांदोग्य उपनिषद आदि सभी भारतीय वैदिक वांग्मय में मौजूद गणित के सर्वोच्च सिद्धांत की प्रविधियां है। उन्होंने कहा कि इस संपूर्ण विश्व-ब्रह्मांड के कण-कण में गणित का रंग स्वरूप समाहित है।अनादि से अनंत ब्रह्म,एक मन, पंचतत्व,पंचतन्मात्रा, आदि से निर्मित यह संपूर्ण प्रकृति, मनुष्य एवं प्रत्येक पदार्थ सबके सब गणित में सन्निहित हैं। गणित की सीमा का अतिक्रमण करके किसी भी वस्तु की रचना कर पाना असंभव है। छोटे से छोटे कार्य हेतु यंत्रों काअंबार खड़ा करके विश्व मानवता को विकलांग सा बना दिया। उन्होंने कहा की वर्तमान समय में विज्ञान जगत ने हर छोटे से छोटे कार्य हेतु यंत्रों का अंबार खड़ा करके विश्व मानवता को विकलांग सा बना दिया है। वैदिक गणित मानवता को यंत्रों की बैसाखी से हटाकर एक क्षण में मनुष्य मस्तिष्क को गणना के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने के साथ साथ श्रेष्ठतम आध्यात्मिक आयाम प्रदान करने में सर्व समर्थ है। कार्यक्रम में जगत गुरु शंकराचार्य जी ने प्रतिभागियों से उनकी जिज्ञासा शांति के लिए विस्तृत एवं सहज रूप से समाधान प्रस्तुत किया। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी के वैदिक पंचांग व पुस्तक का लोकार्पण करते शंकराचार्य महाराज प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी के वैदिक पंचांग व पुस्तक का लोकार्पण करते शंकराचार्य महाराज पंचाग व पुस्तक का लोकार्पण किया इससे पहले शंकराचार्य ने अयोध्या से लगातार पांचवें साल प्रकाशित एकमात्र वैदिक पंचाग के नव अंक व अयोध्या दर्शन पुस्तक का लोकार्पण कियाl इसके लेखक संकटमोचन हनुमान मंदिर, सागर के अध्यक्ष व प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश तिवारी हैंl

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