गोरखपुर/दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के निलंबित आचार्य प्रो. कमलेश कुमार गुप्त की क्लास बुधवार को सुबह 10 से 11 बजे तक विश्वविद्यालय के हेलीपैड पर चली। इस क्लास में बीए प्रथम वर्ष के कुल 29 छात्रों ने जयशंकर प्रसाद की कामायनी का आशा सर्ग पाठ की पढ़ाई की।
प्रो,कमलेश गुप्त ने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार दीक्षा भवन के सामने स्थित हेलीपैड पर ठीक 10 बजे क्लास शुरू कर दी। उनकी क्लास में मौजूद सभी छात्र भी समय से पहुंच गए थे। क्लास के दौरान प्रो. कमलेश और सभी बच्चे हेलीपैड पर ही फर्श पर बैठे थे।
प्रो,क्लास लेने के बाद अवध नगरी संवाददाता से बातचीत में प्रो. कमलेश गुप्त ने बताया कि दोपहर 2 से 3 बजे तक उनका सत्याग्रह प्रशासनिक भवन स्थित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के समक्ष चलेगा। निलंबित होने के बावजूद क्लास लेने की जरूरत की बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के रूप में मेरा धर्म बनता है कि इन छात्रों की पढ़ाई जारी रहे। पढ़ाने का मतलब व्यक्तित्व निर्माण भी होता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में बच्चे काम करना सीख जाएंगे तो इनका और देश का भविष्य अच्छा होगा।
यह है पूरा मामला
डीडीयू के हिन्दी विभाग के आचार्य प्रो. कमलेश गुप्त ने कुलपति प्रो. राजेश सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए राजभवन से शिकायत की थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने शपथ पत्र और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए थे। राजभवन सचिवालय से इस शिकायत की जांच कुलपति को ही सौंप दी गई। इसे देखते हुए प्रो. कमलेश ने कहा था कि एक सप्ताह के अंदर कुलपति को नहीं हटाया गया तो वे सत्याग्रह करेंगे। इसी क्रम में उन्होंने 21 दिसम्बर से सत्याग्रह शुरू किया है। सत्याग्रह के दिन ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें अलग-अलग आरोपों में निलंबित कर दिया था। प्रो. कमलेश के समर्थन में उनके सत्याग्रह में शामिल होने पहुंचे 7 प्रोफेसरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

