अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या)जिले में कोतवाली नगर के साहबगंज पुलिस चौकी के समीप स्थित प्राथमिक स्कूल की दशा काफी दयनीय है।सूत्र के मुताबिक इस स्कूल में महज एक कमरे में पढ़ते कक्षा एक से पांच तक के 78 बच्चों के स्कूल को देख आपकी आंखें फटी की फटी रह जाएंगी।जिसपर इससे संबंधित अधिकारी व कर्मी ध्यान नही देते नजर आ रहे है।इस समय जहाँ एक ओर सभी क्षेत्रों में विकास के लिये धन आ रहा हो परंतु इस शिक्षा के मंदिर पर कोई ध्यान नहीं दे रहा।चार साल से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा रहे इस स्कूल को पर्याप्त टीचर भी मयस्सर नहीं हैं।शायद एक बार आप स्कूल देख लें तो सरकारी सिस्टम से भरोसा उठ जाएगा।शहर के बीचों-बीच स्थित साहबगंज पुलिस चौकी के पीछे स्थित प्राथमिक विद्यालय साहबगंज प्रथम की स्थिति बहुत ही दयनीय है।चार साल पहले विद्यालय के भवन का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन दो साल हो गए काम ठप पड़ा है। एक ही कमरे में कक्षा पांच तक के 78 विद्यार्थी बैठते हैं।उसी कमरे में ही बीएलओ अपना चुनावी काम भी निपटाते हैं। तार पर कपड़े सुखाने के स्टाइल में किताबें टंगी हैं। ऐसे में आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां पढ़ाई कैसी होती होगी।छात्रों के भविष्य के निर्माण के लिए तैयार होने आए नौनिहाल एक शिक्षा मित्र के ही भरोसे हैं,एक हेड अध्यापक भी हैं।लेकिन उनके जिम्मे दो स्कूल का भार है।कमरे के हालत देखकर बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही बरती जा रही है। कमरे में जगह-जगह सीलन है और अजीब सी बदबू उठती है।वही अमृत विचार ने स्कूल पहुंचकर वहां का स्थिति देखी तो सिर्फ 25 बच्चे ही मौजूद कक्षा में मौजूद नजर आये।इस मौके पर वहाँ पर मौजूद शिक्षामित्र शिखा श्रीवास्तव ने बताया कि अभी और बच्चे आएंगे।रसोई में गंदगी का अंबार, चूल्हे पर बनता है भोजन वही एक तरफ सरकार प्रदेश के विद्यालयों की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य की व्यवस्था का दम्भ भरती है तो दूसरी तरफ यहां सरकार के दावों की साफ-साफ खिल्ली उड़ाई जाती है।यहां विद्यालय में बच्चों के लिए बन रहे खाने की जगह पर काफी गंदगी दिखाई दी।खाना बनाने का कार्य गैस की जगह चूल्हे पर किया जा रहा था।धुआं पूरे स्कूल में भर जाता है। केंद्र व प्रदेश में बीजेपी सरकार, नगर विधायक भी भाजपा का फिर भी ऐसा हाल है, वही केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। यहीं नहीं नगर में भी भाजपा के ही विधायक हैं। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कभी भी स्कूलों पर ध्यान नहीं दिया। खैर प्रशासन ही अगर स्कूल पर ध्यान दे दे तो विद्यार्थियों की बांछे खिल जाएंगी। साहबगंज के प्राथमिक विद्यालयों को देखने के बाद सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब शहर के स्कूल की स्थिति ऐसी है तो देहात के विद्यालयों के राम ही मालिक हैं।जिम्मेदार ने साधी चुप्पी, आखिर क्यों? स्कूल के भवन पर ठप पड़ा काम और एक ही कमरे में कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों के बैठने के बारे में जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय से पूछा तो उन्होंने मीटिंग का हवाला देकर चुप्पी साध ली।इस संबंध में थोड़ी देर बाद फिर बात करने की कोशिश की गई तो जवाब नहीं दे सके।

