गोरखपुर। कैंट थाना क्षेत्र के पुलिस लाइंस के सामने स्थित मुसाफिर खाना में बीएसएनएल के मोबाइल टावर पर शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे एक 22 वर्षीय युवक चढ़ गया। युवक को चढ़ा देखकर सैकड़ों की संख्या में भीड़ जुट गई। इस दौरान किसी ने सूचना डायल 112 को दी। सूचना पर तत्काल जटेपुर चौकी की पुलिस, डायल 112 व दमकल की गाड़ी उसे बचाने के लिए आ गई। घंटो मशक्कत के बाद करीब 11:30 पुलिस ने युवक को समझाकर नीचे उतारा और चौकी पर ले गई।
मऊ के मधुबन थानाक्षेत्र के उसरी गांव का रहने वाला है। उसका नाम आसिफ अली है
3 दिन पहले इलाज के लिए आया था पुलिस की पूछताछ में युवक ने बताया कि वह मऊ के मधुबन थानाक्षेत्र के उसरी गांव का रहने वाला है। उसका नाम आसिफ अली है और उसके पिता का नाम मोहम्मद अली है। उसकी एक बहन नाहिद है और भाई रहमत अली है। उसने बताया कि उसके पिता गांव में ही फुटपाथ पर कपड़ा बेचने का काम करते हैं। युवक 11वीं पढ़ता है और 3 दिन पूर्व दवा कराने के लिए बस से गोरखपुर आया था। इसके बाद वह मुसाफिर खाना में रूक गया, जिसका भाड़ा उसने 70 प्रतिदिन के हिसाब से 3 दिन का 210 रूपये दिया था। युवक ने पुलिस से बताया कि उसके पिता अब नहीं है उन्हें भी गांव वाले पीटते रहते थे जिससे उनकी मौत हो गई।युवक ने बताया कि शुक्रवार की सुबह मौलवी उसे घसीटकर मारने लगे। उनसे बचने के लिए वह टावर पर चढ़ गया। हालांकि वह यह नहीं बताया कि उसे क्यों मार रहे थे। वहीं युवक ने यह भी कहा कि गांव पर भी उसे लोग अक्सर मारते रहते हैं। इसलिए वह गांव पर नहीं रहता। उसने बताया कि उसका इलाज गोरखपुर में डॉ बेरी के यहां चलता है। उन्हीं को वह दिखाने आया था लेकिन पैसा न होने के कारण दिखा नहीं पाया। चौकी इंचार्ज ने युवक को चाय पिलाया और खाना खिलाया। साथ ही उसका अपने पास से दवा कराया। पुलिस उसके घरवालों से संपर्क कर उन्हें सुपुर्द करने का प्रयास कर रही है।
युवक घरवालों का नंबर नहीं बता पा रहा है। पुलिस के अनुसार वह मानसिक रूप से बीमार है। चौकी इंचार्ज अमित गुप्ता ने बताया कि युवक को नीचे उतारा गया है। करीब एक घंटा वह टावर पर चढ़ा रहा। युवक मानसिक रूप से बीमार है, मुसाफिर खाना के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। उसके घरवालों का पता लगाकर उसे धर भिजवाया जाएगा।

