रूस-यूक्रेन युद्व का सर्वाधिक असर सोना व चांदी पर देखा गया, जो पिछले एक पखवाड़े में रिकाॅर्ड तेजी दर्ज कर आम आदमी की पकड़ से दूर होता जा रहा है. वहीं अन्य धातु बाजार में तांबा, लोहा, पीतल, एल्यूमिनियम, स्टील में भी तेजी पर है. माना जा रहा है कि रूस एवं यूक्रेन से आने वाले रसायन की आपूर्ति बाधित होने के कारण इसका बड़ा असर यूरिया व डीएपी पर भी पड़ सकता है. व्यापार महासंघ अध्यक्ष ललितमोहन खंडेलवाल ने बताया कि पिछले एक पखवाड़े से यूक्रेन रूस युद्ध के कारण सेंसेक्स कमजोर होने से सर्वाधिक असर सोने व चांदी पर पड़ा है. 15 फरवरी को जहां चांदी 62-63 हजार प्रति किलो थी.
रिकाॅर्ड तेजी दर्ज कर हाजिर में 69 हजार प्रति किलो तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में 70 हजार से भी अधिक तेजी पर पहुंच गई. वहीं सोना हाजिर में 53500 में उपलब्ध है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 55 हजार के ऊपर पहुंच गया. यही नहीं लोहा, सीमेंट, सरिया, तांबा, पीतल, एल्यूमिनियम तथा स्टील के भी हालात यही दिखाई दे रहे हैं. धातु व्यापारी महेंद्र गोयल के अनुसार देश में एक पखवाड़े पूर्व तांबे का भाव 700 रुपए किलो था. आज वह भाव 800 रुपए से अधिक के भाव को छू गया. पीतल जहां 400 प्रति किलो थी 75 रुपए किलो तेजी के साथ 475 तक पहुंच गयी. सीमेंट 350 रुपए तक पहुंच गया है, लोहा व सरिया भी 82 रुपए किलो तक जाने से निर्माण महंगा हुआ.
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में जोरदार तेजी आ गई है. पिछले कारोबारी सत्र में कच्चा तेल 140 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुँच दिन के सर्वोच्च स्तर को पार कर गया. हालांकि बाद के कारोबारी सत्र में कच्चे तेल की कीमत 125.79 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर सेटल हुई. कच्चे तेल की कीमत का ये स्तर 2008 के बाद का सर्वोच्च स्तर है.

