
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के आवासीय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठवे दिन बौद्धिक सत्र के अंतर्गत मुख्य अतिथि आर्थोपेडिक सर्जन, आशा हाईवे हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर डॉ रितेश कुमार रहे।
उन्होंने प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी दी प्राथमिक उपचार की जानकारियां दी गई। इस दौरान दुर्घटना ग्रस्त या अचानक आये हार्ट अटेक होने पर प्राथमिक उपचार की विधियां बताई गई। उन्होंने दुर्घटना होने के बाद या आग लगने के बाद दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में प्राथमिक स्वास्थ्य किट रखना बहुत जरूरी है। इस किट में रुई, पट्टी, टेप, सेफ्टी पिन, बैंडेड, वेटाडिन, दर्द निवारक गोलियां रखना आवश्यक है। दुर्घटना ग्रस्त हुए व्यक्ति की स्थिति को जांचने के लिए प्रायोगिक विधि से प्रतिभागियों को समझाया।
बताया कि किसी भी प्रकार से चोट लगने पर तत्काल जरूरी उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि कैसे चोट लगने पर हमे तुरंत किसी कपड़े का इस्तेमाल कर उसे अच्छे से बांधना चाहिए जिससे रक्तस्राव बंद हो सके क्योंकि रक्तस्राव लगातार होने के कारण ये मृत्युकारक भी हो सकता है। उन्होंने हड्डीजनित बीमारी से बचने के लिए अपने प्रतिदिन दिनचर्या मे बदलाव लाने के भी सुझाव दिए। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ के सुनीता एवं आभार ज्ञापन प्रवीण कुमार सिंह, ने किया।

