
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कानपुर में हुए बवाल के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कानपुर का मसला है अब अंतरराष्ट्रीय हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी को इस मामले में देश सहित खाड़ी देशों से माफी मांगनी पड़ रही है। कल कई खाड़ी देशों ने भारत के राजदूतों को बुलाकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि पैगंबर के बारे में भाजपा नेता की कही गई बातों का देश में कोई समर्थन नहीं करेगा।
सांसद संजय राउत आगामी 15 जून को अयोध्या आ रहे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र व शिवसेना के मंत्री आदित्य ठाकरे के दौरे की तैयारियों के मद्देनजर अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने शहर के एक होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि भाजपा के प्रवक्ता बेलगाम हो गए हैं। इनके बयानों से अब विदेशों में भी देश की प्रतिष्ठा पर आंच आ रही है। मजबूरन मोदी सरकार को अब खाड़ी देशों से माफी मांगनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कानपुर की घटना ने पूरे देश को शर्मसार किया है। इसकी जिम्मेदार भाजपा और उसके प्रवक्ता की है।
उन्होंने अयोध्या भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा किए जा रहे मनसे प्रमुख राज ठाकरे के विरोध को भी जायज ठहराया। कहा बृजभूषण शरण सिंह किसी के दबाव में नहीं आने वाले। उनका अपना नेतृत्व है। वह बड़े नेता हैं। माहौल बनाने का उनका अपना एक तरीका है। देश के कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं पहलवान आदमी हैं।
संजय राउत राज ठाकरे के विरोध को लेकर शिवसेना व बृजभूषण शरण सिंह के डील के सवाल पर भड़क गए। कहा कि क्या डील हो सकती है? जो बात बृजभूषण शरण सिंह ने उठाई क्या उससे कोई सहमत नहीं है। इस दौरान महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे, अनिल तिवारी, शिवसेना के राज्य प्रमुख अनिल सिंह ठाकुर, अनिरुद्व त्रिपाठी, देवांशु पांडेय सहित अन्य मौजूद रहे।
आदित्य का अयोध्या दौरा शक्ति प्रदर्शन नहीं
शिवसेना सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे का 15 जून का अयोध्या दौरा शिवसेना का राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं है। हमारा यह दौरा धार्मिक और आस्था की भावना से जुड़ा हुआ है। राउत ने कहा कि आदित्य के साथ महाराष्ट्र से शिवसेना के कुछ प्रमुख नेता आएंगे लेकिन अयोध्या में कोई बहुत बड़ा माहौल बनाने का इरादा शिवसेना का नहीं है। शिवसेना की आस्था हमेशा से अयोध्या में रही है। अयोध्या आने से ऊर्जा मिलती है। इस ऊर्जा का प्रयोग हम महाराष्ट्र के विकास में करते हैं।

