निकायों में संविदा कर्मियों का वेतन रोका तो बताना होगा कारण, निदेशालय ने मांगी जानकारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

नगर निकायों में संविदा कर्मियों को वेतन देने में अब मनमानी नहीं चलेगी। बिना वजह वेतन रोककर कर्मचारियों को परेशान करने वालों के खिलाफ शासन ने सख्ती करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि अगर जरूरी है तभी संविदा कर्मियों का वेतन रोका जाए और इसका वाजिब कारण भी बताया जाए। वेतन रोकने के मामलों के संबंध में स्थानीय निकाय निदेशालय ने निकायों से जानकारी मांगी है।

संयुक्त निदेशक स्थानीय निकाय गंगा राम गुप्ता की ओर से निकायों को भेजे गए पत्र में कार्यरत सभी प्रकार के नियमित संविदा, दैनिक, आउटसोर्स कर्मियों के वेतन भुगतान की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई है। यह भी पूछा गया है कि संविदा कर्मियों को वेतन देने में किसी प्रकार की दिक्कत तो नहीं है।

दरअसल, पिछले कई सालों में भर्ती न होने से सभी 730 नगर निकायों में जरूरत के आधार पर संविदा या ठेके पर कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। ज्यादातर निकायों के कर्मचारियों की यह शिकायत रहती है कि कई महीनों से उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है और परेशान किया जाता है।

इस प्रकार की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए ही शासन ने संविदा कर्मियों को समय पर वेतन देने के साथ ही उनका वेतन रोकने के संबंध में मजबूत कारण बताने के निर्देश दिए हैं।

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