दनियालपुर कंपोजिट विद्यालय में विद्यार्थियों को नहीं है सामान्य ज्ञान क्योंकि विद्यालय बन गया अखाड़ा

दनियालपुर कंपोजिट विद्यालय में विद्यार्थियों को नहीं है सामान्य ज्ञान क्योंकि विद्यालय बन गया अखाड़ा l

विकासखंड परसेंडी के अंतर्गत ग्राम पंचायत दनियालपुर में ,कम अपोजिट विद्यालय संचालित है जिसमें 9 अध्यापक कार्यरत है l परंतु वहां के छात्रों को सामान्य ज्ञान भी नहीं है l अब तक टीवी चैनल के किसी भी प्रश्न का उत्तर वहां के छात्र नहीं दे सके l
विद्यालय अक्सर लेटलतीफी खुलता है l मीडिया टीम के 8:00 बजे पहुंचने पर प्रार्थना संपन्न हुई थी जबकि 7:30 पर विद्यालय खुलने का समय है l

1 जुलाई 2022 को जब विद्यालय खुला था उस दिन जुम्मा था ,इसी कंपोजिट विद्यालय में पूर्व में संचालित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक आफताब मोहम्मद ने जुम्मे की नमाज पढ़ने हेतु मस्जिद जाने की बात कही,

तो कंपोजिट विद्यालय की इंचार्ज
प्रधानाध्यापिका नासिरा ने जुम्मे की नमाज पढ़ने पर लगादी पाबंदी।

इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के व्यवहार से पूरा विद्यालय परेशान है तथा प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि भी उनके व्यवहार से आहत हैं ।
यहां तक प्रधान आरती देवी ने अपने लिखित प्रार्थना पत्र में जिला अधिकारी ,बेसिक शिक्षा अधिकारी व अन्य शिक्षा अधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र देकर उनकी वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की है । तथा यह भी बताया कि पूर्व में 14 मार्च 2022 को निलंबित हुई हैं ,इस अवधि में भी उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं की है ।जिसकी नोटिस पूर्व के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजी गई थी ,परंतु वह ठंडे बस्ते में चली गई ।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ती ने मीडिया के सामने सच बताया तो आज भी आंगनबाड़ी कार्यकरती को धमकाया जा रहा है ।
उसने अपने बयान में कहा कि यहां इंचार्ज प्रधानाध्यापिका लोगों को परेशान किए हैं गाली-गलौच करती है 76 जैसे मुकदमे में फसाने की धमकी देती है तथा यही के अनुसूचित जाति के अध्यापक कमलेश को जातिसूचक गालियॅ दी है ।
6 के छात्र नीरज ने बताया कि इंचार्ज प्रधानाध्यापिका ने उनसे भी अभद्रता की उनसे पूछा कि तुम्हारे पिता ने तुम्हें क्या खाकर पैदा किया है । ऐसे अश्लील शब्द प्रधानाध्यापक द्वारा उपयोग करना कितना न्याय संगत है ।

प्रधानाध्यापिका से इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस छात्र नीरज को लोगों ने बहका दिया है। मैंने उससे कहा था कि क्या खाकर आए हो ।
जबकि छात्र को झूठ बोलने की कोई आवश्यकता नहीं है ।
विद्यालय में कंपोजिट ग्रांट से कराए गए कार्य के विषय में प्रधानाध्यापिका से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने सटीक जानकारी नहीं दी ।
प्राइमरी विभाग के पूर्व के प्रधानाध्यापक आफताब मोहम्मद ने बताया चाक , डस्टर यहां तक कि झाड़ू आदि मैं स्वयं अपनी जेब के खर्चे से से लाता हूं ।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अपना दुख दर्द बताते हुए कहा की इंचार्ज प्रधानाध्यापक नासिरा की भाषा से आहत हूं, पिछली 26 जनवरी को मैं अपने धर्म का निर्वहन करने हेतु विद्यालय पहुंचा तो नासिरा ने मुझे अपमानित किया मुझसे कहा आपको यहां किसने बुलाया है ।आप तुरंत बाहर चले जाएं ।

इस विषय में खंड शिक्षा अधिकारी परसेंडी से मौके पर ही बात की गई तो उन्होंने बताया जांच की गई है दोषी पर जो कार्यवाही बनेगी की जाएगी । परंतु मेरी पूरी बात का उत्तर उन्होंने नहीं दिया ।बीच में ही फोन काट दिया ।
अब तक टीम द्वारा ली गई लोगों की वाइफ को खंड शिक्षा अधिकारी को भेजते हुए पूछना चाहा तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया ।

बेसिक शिक्षा अधिकारी जनपद सीतापुर अजय कुमार से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया जांच करा कर कार्यवाही करता हूं ।यदि जांच सही नहीं होती है तो दूसरे विभाग से जांच करा ली जाएगी ।

अब देखना यह है ऐसे अभद्र शिक्षक पर विभाग कोई कार्यवाही करता है या किसी दबाव में दब कर बैठ जाता है ।

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