अपर सत्र न्यायाधीश तनु भटनागर ने हत्या का जुर्म सिद्ध होने पर बुधवार को सिकरीगंज के हरिजनपुर निवासी श्रवण चौहान व उसकी मां इसरावती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 2.50 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना न देने पर तीन साल तक और जेल में रहना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि वादिनी ज्ञानमती, बेलघाट थानाक्षेत्र के ग्राम बेलवा की निवासी हैं। ज्ञानमति ने अपनी बेटी सुमन की शादी घटना से तीन साल पहले श्रवण से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। 27 जनवरी 2016 को श्रवण ने सुमन को मारपीट कर घर से निकाल दिया।
पुलिस व गांव के प्रतिष्ठित लोगों ने सुलह समझौता कराया। 24 मई 2016 को शाम करीब 4:30 बजे फोन से सूचना मिली कि अभियुक्त श्रवण व इसरावती ने मिलकर सुमन को जलाकर मार दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया। अब कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है।

