राखी सिंह सहित पांच महिलाओं ने पिछले वर्ष सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत में श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन व ज्ञानवापी को सौंपने संबंधी मांग को लेकर गुहार लगाई थी। प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने प्रार्थनापत्र देकर वाद की पोषणीयता पर सवाल उठाया। मुकदमे की सुनवाई करते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश दिया था। कोर्ट कमिश्नर के सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष ने दावा किया कि ज्ञानवापी के वजूखाने में आदिविश्वेश्वर का शिवलिंग मिला है। वह एक अहम साक्ष्य है, इसलिए उसे संरक्षित किया जाए।
हिंदू पक्ष के दावे पर कोर्ट ने वजूखाने को सील करने का आदेश दिया था। इस पर मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में सर्वे के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मुकदमे की सुनवाई जिला जज की कोर्ट करे। 27 मई से मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। अब 12 सिंतबर पर सभी की निगाहें हैं।

