यूक्रेन का दावा- दक्षिण व पूर्व के 3 इलाके फिर से नियंत्रण में लिए, जल्द और हासिल करेंगे

यूक्रेन की सेना ने रूसी सेना द्वारा कब्जा किए गए उसके तीन क्षेत्रों पर दोबारा नियंत्रण हासिल कर लिया है। इनमें दक्षिणी यूक्रेन के दो गांव और पूर्वी क्षेत्र में एक बस्ती के एक-तिहाई हिस्से पर नियंत्रण करना शामिल है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसकी घोषणा करते हुए यूक्रेनी सेना की हौसला अफजाई की और कहा कि उनकी सेना जल्द ही अन्य रूसी कब्जे वाले इलाकों पर भी नियंत्रण कर लेगी।

यूक्रेन के सैन्य आलाकमान ने सोमवार को कहा कि उनकी सेना ने खेरसॉन में रूसी कब्जे वाले बलों ने स्थानीय निवासियों की आवाजाही रोक दी है। लेकिन कई रुकावटों के बावजूद यूक्रेन की सेना ने जवाबी कार्रवाई की है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख कायरो तिमोशेंको ने बताया कि उनकी सेना ने पूर्व में लिसिचंस्क-सिवर्स क्षेत्र को रूसी सेना से मुक्त करा लिया है और दक्षिण में वैसोकोपिल्या तथा खेरसॉन क्षेत्र के एक गांव पर दोबारा नियंत्रण कर लिया है।

इस क्षेत्र पर रूस के साथ साथ यूक्रेन का भी सबसे ज्यादा फोकस है क्योंकि यह रणनीतिक रूप से अहम इलाके हैं। इस बीच, दिनिप्रो नदी और उसके आसपास वाले क्षेत्रों में जबरदस्त संघर्ष जारी है। यह नदी खेरसॉन क्षेत्र को विभाजित करती है।

दिनिप्रो नदी पर यूक्रेनी सेना का फोकस
यूक्रेनी आक्रमण दिनिप्रो नदी के पश्चिमी हिस्से में रूसी सेना को अलग-थलग करने पर केंद्रित है। उधर रूसी सेना गोला-बारूद बढ़ाकर नदी की चार प्रमुख क्रॉसिंग पर हमला कर रही है ताकि यूक्रेनी सेना यहां प्रवेश न कर सके। जबकि यूक्रेनी सेना ने हमले बढ़ाते हुए रूसी सैनिकों को पीछे हटने या आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने की रणनीति अपनाई है।

रूस की 127वीं रेजिमेंट पिछड़ रही
सोमवार को यूक्रेन की दक्षिणी सैन्य कमान ने दावा किया कि रूस की पहली कॉर्प की 127वीं रेजिमेंट ने लड़ाई से इनकार कर दिया था। यह दूसरी बार है जब उन्होंने कहा कि रूसी सेना पिछड़ रही है। यूक्रेनी सेना ने कहा, रूस के खिलाफ क्षेत्र में फैल रहे असंतोष के चलते उन्हें चौतरफा समर्थन मिल रहा है। दोनों पक्षों में यहां भीषण संघर्ष जारी है और दोनों ही पक्षों को भारी नुकसान की खबरें हैं।

यूक्रेन से अनाज का सबसे बड़ा काफिला रवाना
यूक्रेन ने 1 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र की अनाज पहल लागू होने के बाद से अन्न के जहाजों का अपना सबसे पड़ा काफिला सोमवार को रवाना किया। कुल 13 जहाजों पर ओडेसा, कोनोर्मोर्स्क और पिवडेन्नी के बंदरगाहों से 2,82,500 टन कृषि उत्पाद आठ देशों में भेजे गए। यूक्रेनी अवसंरचना मंत्रालय ने एक फेसबुक पोस्ट में बताया कि छह जहाज पिवडेन्नी से, पांच कोनोमोर्स्क से और दो ओडेसा से रवाना हुए हैं।

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