राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ समझने वाली मानसिकता और अन्य समुदायों के खिलाफ घृणा के कारण होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है। बाइडन ने देश में जारी हिंदू, सिख व मुस्लिम विरोधी हिंसक घटनाओं के बीच यह बात की।
बाइडन ने व्हाइट हाउस द्वारा आयोजित ‘यूनाइटेड वी स्टैंड’ (हम एकजुट होकर खड़े हैं) सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, हमारी पृष्ठभूमि या मान्यताएं कुछ भी हों, हम घृणा के कारण होने वाली हिंसा के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हैं। बाइडन ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं के बाद उन्होंने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का विचार किया।
उन्होंने कहा, मैं पढ़ा रहा था और मुझे लगता था कि मेरे लिए अध्यापन सबसे अच्छा काम है। लेकिन शेर्लोट्सविल ने सब कुछ बदल दिया, क्योंकि मुझे लगता है कि हमारी कहानी एक देश और एक अमेरिका के रूप में लोगों को एकजुट करने की है। श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ मानने वाले एक हमलावर ने शेर्लोट्सविल में 2017 में प्रदर्शनकारियों की एक भीड़ पर कार से हमला कर दिया था।
घृणा रेखा मिटती नहीं, सिर्फ छिप जाती है
बाइडन ने कहा, देश में यहूदी विरोधी, कैथोलिक विरोधी, मॉर्मन विरोधी, मुस्लिम विरोधी, हिंदू विरोधी, सिख विरोधी हिंसात्मक घटनाएं हो रही हैं। साथियों, घृणा की रेखा पूरी तरह कभी नहीं मिटती। यह केवल छिप जाती है। उन्होंने कहा, प्रशासन घृणा अपराध के शिकार लोगों की पूरी मदद करेगा।
ट्रंप ने हिंदी में गढ़े भारत-अमेरिका दोस्ती के नारे
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में मध्यावधि चुनाव से पहले भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लुभाने के लिए हिंदी में भारत-अमेरिका दोस्ती का नारा गढ़ा है। रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन (आरएचसी) की ओर से जारी एक वीडियो में ट्रंप रिहर्सल करते हुए भारत-अमेरिका सबसे अच्छे दोस्त कहते दिखाई दे रहे हैं। 30 सेकंड के इस वीडियो में ट्रंप शिकागो के कारोबारी एवं आरएससी के सदस्य शलभ कुमार के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। नया नारा 2016 में दिए गए नारे- अबकी बार, ट्रंप सरकार के नारे से प्रेरित है।

