यूक्रेन के पूर्वी इलाके में दोनेस्क प्रांत के लायमन को रूसी कब्जे से मुक्त कराए जाने से यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की उत्साहित हैं। लायमन को दोनबास (पूर्व) में सबसे अहम रणनीतिक मोर्चा बताते हुए जेलेंस्की ने कहा, यहां से रूसी सैनिकों का भागना बताता है कि पूरे दोनबास पर रूसी सेना की पकड़ कमजोर हो चली है। यहां यूक्रेन जीत की ओर है।
हालांकि, रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इगोर कोनाशेंकोव का कहना है कि रूसी सेना रणनीति के तहत लायमन से हटी है। यहां तैनात सैनिकों को दूसरे मोर्चों पर भेजा गया है। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खास दोस्तों में शामिल चेचेन कमांडर रमजान कादिरोव ने पुतिन को बिना देर किए हल्के परमाणु हथियार के इस्तेमाल की सलाह दी है। बहरहाल, लायमन से रूसी सेना का हटना इस वजह से ज्यादा अपमानजनक है, क्योंकि यह उस दोनेस्क प्रांत का हिस्सा है, जिसका रूस में विलय हो चुका है। रूसी लोग इसे रूस की जमीन पर यूक्रेनी कब्जे के तौर पर देख रहे हैं और वहां से सेना के पीछे हटने को लेकर सेना की दलीलों से खुश नहीं हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन लॉयड ने यूक्रेनी सेना की तारीफ की। कहा, लायमन पर कब्जे से यूक्रेन को पूर्वी मोर्चे पर बढ़ी बढ़त बनाने में मदद मिलेगी, क्योंकि यहां से अब यूक्रेन को रक्षात्मक बने रहने की जरूरत नहीं होगी और खुलकर रूसी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकेगा।
यूक्रेनी वायुसेना ने 24 घंटे में किए 29 हमले
यूक्रेनी सेना ने रविवार सुबह बताया कि उसके फाइटर जेटों ने बीते 24 घंटे में 29 हमले किए हैं। इन हमलों में रूसी सेना के हथियार भंडार, एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम और कमांड पोस्ट तबाह किए हैं। इसके साथ ही यूक्रेन ने दावा किया कि रूस की तरफ से चार मिसाइल हमले व 16 हवाई हमले किए गए। वहीं, रूस ने बताया कि रविवार को खारकीव में रूसी सेना ने यूक्रेन के सात आयुध भंडारों को तबाह किया, जिनमें मिसाइल और तोपों को रखा गया था।
पोप की गुहार, हिंसा रोकें पुतिन
पोप फ्रांसिस ने पुतिन से गुहार लगाई कि वे यूक्रेन में जारी हिंसा को रोकें। पुतिन की तरफ से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी के संदर्भ में पोप ने कहा कि यूक्रेन को शांति के प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इटली की गैस आपूर्ति रोकी
यूक्रेनी इलाकों के रूस में विलय पर इटली की तीखी प्रतिक्रिया से खफा रूस ने इटली की गैस आपूर्ति रोक दी है। इसके अलावा रूस के विदेश मंत्रालय ने रूस में इटली के राजदूत सेर्गे राजोव को भी तलब किया है। गैस आपूर्ति को रोकने के पीछे रूसी कंपनी गैजप्राॅम का दावा है कि ऑस्ट्रिया में हुए प्रशासनिक फेरबदल की वजह से यह हुआ है।
रसद के लिहाज से अहम
लायमन को रूसी सेना ने मई में कब्जे में लिया था। पूर्वी मोर्चे पर पूरे दोनबास में रसद के लिहाज से यह रणनीतिक तौर पर बेहद अहम जगह है। विशेषज्ञों के मुताबिक रूसी सेना का लायमन से हटना रणनीतिक तौर पर रूस की बड़ी हार है।

