क्या सुनक बनेंगे ब्रिटेन के PM, महज 40 दिन में ही क्यों हो रही लिज ट्रस को हटाने की मांग?

छह सितंबर को लिज ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री बनीं थीं। उन्हें सत्ता संभाले हुए अभी महज 42 दिन हुए हैं। इस दौरान ही ब्रिटेन की राजनीति में इतना कुछ हो गया है कि उनको हटाए जाने की अटकलें शुरू हो गई  हैं। डेली मेल के मुताबिक कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद इस हफ्ते के अंत तक ट्रस हो हटाने की कोशिश करेंगे। कहा जा रहा है कि कंजर्वेटिव पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद ट्रस के खिलाफ कैंपेन कर रहे हैं। जबकि, ट्रस की ओर से ऐसे किसी प्रयास पर नए सिरे से चुनाव तक की चेतावनी दी जा चुकी है। वहीं, उनके समर्थक पार्टी टूटने तक की बात कह चुके हैं। इन सब के बीच नए प्रधानमंत्री को लेकर फिर से जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है वो ऋषि सुनक हैं। भारतीय मूल के सुनक पिछली बार भी सांसदों की वोटिंग में ट्रस से भी आगे रहे थे।

ट्रस सरकार पर संकट क्यों मंडरा रहा है? 
प्रधानमंत्री पद के लिए अपने प्रचार के दौरान लिज ट्रस ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के जो वादे किए थे वही अब उनके गले की फांस बन गए हैं। ट्रस सरकार महंगाई पर काबू पाने में अब तक विफल रही है। ट्रस के वादों को लागू करने के कोशिश करने वाले वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग को इस्तीफा देना पड़ा है। क्वार्टेंग के फैसलों की वजह से पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था और लगातार हो रही आलोचना के बीच नए वित्त मंत्री जेरमी हंट ने क्वार्टेंग के लगभग सभी फैसलों को पलट दिया है।

क्वासी कार्टेंग कौन हैं?
ब्रिटेन के वित्त मंत्री क्वासी क्वार्टेंग को बीते 14 अक्तूबर को प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने बर्खास्त कर दिया। क्वार्टेंग महज 38 दिन इस पद पर रहे। ये ब्रिटेन में किसी वित्त मंत्री का दूसरा सबसे छोटा कार्यकाल था। उनसे छोटा कार्यकाल सिर्फ इयान मैकलियोड का रहा है। 1970 में वित्त मंत्री बनने से महज 30 दिन बाद मैकलियोड का निधन हो गया था।
क्वार्टेंग ने नई सरकार के गठन के बाद 23 सिंतबर को मिनी बजट पेश किया था। तभी से वह आलोचकों के निशाने पर थे। अपने इस्तीफे से एक दिन पहले तक क्वार्टेंग पद छोड़ने की अटकलों को खारिज कर रहे थे। वह 1975 में लंदन में पैदा हुए और यहीं पले-बढ़े। क्वार्टेंग घाना मूल के माता-पिता की इकलौती संतान हैं।
उनके माता-पिता 1960 के दशक में पढ़ाई करने ब्रिटेन आए थे और यहीं बस गए। क्वार्टेंग की स्कूली पढ़ाई ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ईटन कॉलेज से हुई। इसके बाद उन्होंने केम्ब्रिज विश्वविद्यालय से इतिहास में बीए और पीएचडी की। राजनीति में आने से पहले क्वार्टेंग एक अखबार में स्तंभकार और वित्तीय सेवाओं में एक विश्लेषक के रूप में काम कर चुके हैं।

क्वार्टेंग ने वित्त मंत्री के रूप कौन से फैसले लिए?
ब्रेक्जिट समर्थक रहे क्वार्टेंग ने ब्रेक्जिट के बाद बोरिस जॉनसन का समर्थन किया था। जॉनसन सरकार में क्वॉर्टेंग राज्य मंत्री रहे। जॉनसन के इस्तीफे के बाद क्वार्टेंग ने लिज ट्रस की उम्मीदवारी का समर्थन किया। प्रधानमंत्री बनने पर ट्रस ने क्वार्टेंग को वित्त मंत्री बनाया। क्वार्टेंग इस पद पर बैठने वाले पहले ब्लैक नेता हैं।
अब बात फैसलों की करते हैं। छह सिंतबर को लिज ट्रस ने शपथ ली। नई सरकार की ओर से क्वार्टेंग ने 23 सितंबर को मिनी बजट पेश किया। इसमें क्वार्टेंग ने नई इकोनॉमिक पॉलिसी का एलान किया। इनका उद्देश्य ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकना और देश में आसमान छू रही रिकॉर्ड महंगाई पर नियंत्रण करना था।
इस महंगाई का सबसे बड़ा कारण एनर्जी सेक्टर में आसमान छूती कीमतें थी। क्वार्टेंग ने इस पर नियंत्रण करके महंगाई पर 5 फीसदी की कमी का दावा किया। इसके साथ ही उन्होंने 45 अरब पाउंड की कर कटौती का वादा किया, जो पिछले 50 वर्षों में सबसे बड़ी कटौती है। सरकार को उम्मीद थी की इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे होंगे। लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी तो इसका फायदा व्यापार में होगा और अर्थव्यवस्था को इससे मजबूती मिलेगी।

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