ऐतिहासिक भेलहिया मेले में सैकड़ों की बुझाई प्यास

निशुल्क प्याऊ ने ऐतिहासिक भेलहिया मेले में सैकड़ों की बुझाई प्यास

शाहगंज/जौनपुर।

पत्रकार- धनन्जय विश्वकर्मा

सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में दीपावली के पर्व पर लगने वाला तीन दिवसीय ऐतिहासिक भेलहिया मेला मंगलवार को समाप्त हुआ, मेला में युवाओं ने निशुल्क प्याऊ लगाकर सैकड़ो लोगो की प्यास बुझाई,

तीन दिन लगातार चलने वाला ऐतिहासिक भेलहिया मेला में गिरधरपुर गांव से सटे दर्जनों गांव से हजारों की तादात में लोग मेला देखने आते हैं। भेलहिया मेला भेला का रस के लिए प्रसिद्ध है।लोगो की मान्यता है की बीमारियों से ग्रसित लोग भेल का रस पीने और गिरधरपुर गांव में बने राउर बाबा मजार और भूंनगा माता का दर्शन करके लोगो को रोग और कष्ट से निजात मिलती है।


मेला में विनय कुमार तथा अर्जुन विश्वकर्मा समाज सेवी ने मिलकर लोगों के लिए निशुल्क प्याऊ की व्यवस्था की थी। दूरदराज से आए लोगों सैकड़ों लोगों ने निशुल्क प्याऊ का इस्तेमाल करके अपनी प्यास बुझाई और दोनों युवाओं के कार्य की सराहना की, संयोजक विनय कुमार ने बताया कि मेला में निशुल्क प्याऊ की व्यवस्था लोगों की प्यास बुझाने के लिए किया गया था और इस छोटे से प्रयास से समाज में हम सब जल ही कल है जल ही जीवन है का संदेश देना चाहते है। क्योंकि जब तक हम सब जागरूक नहीं होंगे तब तक जल की सुरक्षा में कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता है।सहयोग अर्जुन विश्वकर्मा ने कहा कि वर्षों से चली आ रही है एतिहासिक भेलहिया मेला में निशुल्क प्याऊ लगाना और लोगों को मेला में सहयोग करना ही हम सबका लक्ष्य था। मेला में अधिक भीड़ होने पर कुछ लोग अपनों से बिछड़ गए थे जिन्हें हम सब के सहयोग से उनके परिजनों तक पहुंचाने में मदद मिली इस छोटी सी पहल से समाज में एक नया संदेश देने का काम किया गया है देश के युवा ही देश के भविष्य हैं देश का हर युवा अगर अपने कर्तव्य का पालन करने लगे तो देश का विकास होने से कोई नहीं रोक सकता। इस दौरान निशुल्क प्याऊ सुविधा में हरीमोहन,सुरेश शर्मा,रीतिक,विशाल कुमार,बबलू समेत अन्य लोगो ने भरपूर सहयोग किया।

मेले में भेला ,भेला का मेला | जाने इतना प्रसिद्द क्यों है भेलहिया मेला |

बतादेंकि उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के विकासखंड करंजकला क्षेत्र के गिरधरपुर गांव में मान्यताओं एवं लोक चर्चाओं के अनुसार कार्तिक अमावस्या के दिन यहां एक विशाल मेला लगता है। इस मेले में कुछ जड़ी बूटी , जो पीने से पुराने से पुराने दुखों का नाश हो जाता है, स्थानीय लोगों से पता चला है कि यहां पर भेला पीने का काफी मानता है, बताया जाता है कि भेला पीने से सभी प्रकार के दुखों का नाश हो जाता है। भेला, एक तरह का वृक्ष है, उसी वृक्ष का भेला बीज है, उस बीज का रस निकाल कर पीने से असाध्य रोगों से छुटकारा मिलता है। इस बेला का बीज बिहार से व्यापारियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले तक पहुंचता है और इसी बेला के बीच का चमत्कार इसी दिनों में पूरे क्षेत्र में छाया रहता है। भेल औषधि के रूप में इस का पेड़ काफी गुणकारी बताया जाता है। यहां के स्थानीय लोग इस मेले में काफी सहयोग करते हैं। और उसमें वर्तमान ब्लॉक प्रतिनिधि सुनील यादव उर्फ मम्मन व उनके सहयोगी लोगों द्वारा इस वर्ष मेला में काफी सहयोग किया है।

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