सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भारतभारी स्थित धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के प्रमुख तीर्थ स्थल अपने दामन में इतिहास के कई कालखंडों का रहस्य समेटे है। पौराणिक महत्व के अलावा ऐतिहासिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध इस स्थल पर कार्तिक पूर्णिमा को लगने वाले मेले में क्षेत्रीय लोगों के अलावा देश के विभिन्न शहरों से लोग आते हैं। वे यहां पवित्र सरोवर में स्नान कर पूजा पाठ करते हैं।
भरत कुंड जलाशय, प्राचीन शिव मंदिर, रामजानकी मंदिर, मां दुर्गा व हनुमान जी का मंदिर यहां की शोभा बढ़ाने के साथ ही श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। यहां पर स्थित भरत कुंड सरोवर का पानी स्वच्छ व निर्मल रहता है। इस सरोवर में अवांछित एक तिनका भी नहीं दिखाई देता। इनमें मौजूद मछलियों के शिकार पर प्रतिबंध है।
यही कारण है कि इसमें बड़ी-बड़ी मछलियां जल कीड़ा करती हैं तो हर कोई देखता रह जाता है। यहां पर कार्तिक पूर्णिमा के अलावा विभिन्न त्योहारों पर भी मेले का आयोजन होता है। जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल होकर पवित्र सरोवर में स्नान कर पूजा अर्चना करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत कर रहा भारतभारी
भारतभारी स्थित प्राचीन पोखरे के एक छोर पर शिवलिंग स्थापित है तो दूसरी तरफ पीर बाबा का स्थान है। जहां पर दोनों समुदायों के लोग अपनी मिन्नतों के लिए जाते हैं। भारतभारी सदियों से सांप्रदायिक एकता और आपसी सौहार्द को मजबूती प्रदान करने का काम कर रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के एक सप्ताह तक चलने वाले मेले में सभी धर्म समुदाय के लोग शामिल होते हैं।

