एक शव के साथ पहले प्रयागराज फिर कौशाम्बी पुलिस ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी। प्रयागराज के एक आश्रम में संदिग्ध हालत में हुए युवक के शव को वहां की पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के लिए कौशाम्बी भेज दिया। यहां पुलिस ने घटना प्रयागराज में होने की बात कहकर फिर शव वापस कराया। नतीजतन, मृतक के घरवाले 14 घंटे तक महज पोस्टमार्टम कराने के लिए यहां-वहां भटकते रहे।
करारी कोतवाली के लेदहरा पर मजरा पारा हसनपुर निवासी राहुल उर्फ मानसिंह (35) राजगीर का काम करता था। छह नवंबर को वह प्रयागराज में किसी के यहां भवन निर्माण करने गया था। परिजनों के मुताबिक मानसिंह प्रयागराज के करैली कोतवाली के करैलाबाद स्थित एक आश्रम में रहता था। बुधवार सुबह घरवालों को पता चला कि राहुल कमरे में मृत पड़ा है। सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। घरवालें वहां पहुंचे तो देखा कि राहुल की संदिग्ध हालत में मौत हुई थी।

