आसमान में घूमते रेस्तरां-रिवर आर्ट गैलरी की योजना केंद्र की प्राथमिकता में शामिल

180 फीट ऊंचाई पर हवा में घूमते रेस्तरां के साथ ही एफिल टॉवर की तर्ज पर बनने वाली अनूठी रिवर आर्ट गैलरी की योजना पर सहमति बन गई है। फाफामऊ सिक्स लेन पुल पर यह योजना प्रस्तावित है। महाकुंभ-2025 की अहम परियोजना के तौर पर इस सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ड्रीम प्रोजेक्ट पर मुहर लगने के आसार हैं।

फाफामऊ में निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के दोनों तरफ टॉवरों पर यह योजना मूर्त रूप लेगी। चार महीने पहले इस योजना को मंत्रालय ने अपनी प्राथमिकता से बाहर कर दिया था। अब महाकुंभ को देखते हुए सिक्स लेन पुल के टॉवर पर एक तरफ रेस्तरां और दूसरी ओर रिवर आर्ट गैलरी के प्रस्ताव को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने प्राथमिकता बिंदु में शामिल कर लिया है। हाल में ही उच्चस्तरीय बैठक में इस योजना पर अफसरों ने मंथन भी किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में इसे महाकुंभ से पहले बनाने की तैयारी है।

 

मलाक हरहर से म्योराबाद तक करीब 10 किमी लंबे निर्माणाधीन सिक्स लेन सेतु के टॉवरों पर करीब 180 फीट ऊंचाई पर रिवाल्विंग रेस्तरां और आर्ट गैलरी का निर्माण होगा। इस पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेस्तरां में जहां लजीज व्यंजनों के स्वाद का संगम होगा, वहीं कला दीर्घा में कुंभ की संस्कृति के साथ ही प्रयागराज के धार्मिक स्थलों की झलक मिल सकेगी। इस रिवर गैलरी में प्रयागराज में लगने वाले कुंभ और माघ मेले के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक समागम की संस्कृति को शामिल करने की योजना है।

इस गैलरी में कुंभ के विहंगम दृश्य को देखने के साथ ही लोग प्रयागराज को भी एक नजर में निहार सकेंगे। यह इस गैलरी में पहुंचने के लिए दोनों तरफ कैप्सूल लिफ्ट लगाई जाएगी। इस लिफ्ट से कुछ सेकेंड में ही पर्यटक गैलरी तक पहुंच जाएंगे।

एनएचएआई से जुड़े एक अफसर ने बताया कि यह देश की पहली ऐसी रिवर आर्ट गैलरी होगी, जिसमें कुंभ की संस्कृति के दर्शन होंगे। प्रयागराज में प्रवेश करने से पहले इस गैलरी में इस आध्यात्मिक नगरी की संस्कृति और आतिथ्य सत्कार के साथ ही कला की झलक मिल जाएगी। शंकराचार्यों, महामंडलेश्वरों और अखाड़ों के नागा संन्यासियों की पेंटिंग और उनकी ध्यान-साधना से भी पर्यटक इस रिवर गैलरी में आकर परिचित हो सकेंगे। इस रिवर गैलरी में प्रयागराज में लगने वाले धार्मिक मेलों के भी दर्शन होंगे।

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