ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। वह माता-पिता जिन्होंने खुद अपनी पूरी जिंदगी मुफलिसी में गुजार दी, लेकिन अपने बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी। उन्होंने अपने बेटे के देश सेवा के सपने को जिया,उसे पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। आखिरकार बेटे के साथ ही मां-बाप का सपना साकार हुआ। माता-पिता ने जब आफिसर ट्रेनिंग अकादमी देहरादून में सेना में लेफ्टिनेंट की वर्दी पहने बेटे को अपने हाथों से बैज पहनाया तो उनकी आखों से आंसू छलक पड़े।
सरोजनीनगर के गांव पिपरसंड निवासी प्रखर सिंह चौहान ने आफिसर ट्रेनिंग अकादमी देहरादून में पासिंग आउट परेड में देश सेवा की शपथ ली। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनने पर उन्होंने अपने पिता अनिल सिंह चौहान व पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रखर ने यह सफलता तीन वर्ष राष्ट्रीय सैन्य अकादमी पुणे और एक वर्ष भारतीय सेना अकादमी देहरादून में कड़ी मेहनत के बाद पाई है। प्रखर के पिता अनिल सिंह चौहान पिपरसंड गांव में एक किसान हैं। दो बेटियों में प्रज्ञा सिंह और प्राची सिंह से छोटे बेटे प्रखर की शुरुआती शिक्षा गांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय से वर्ष 2017 में इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने के बाद प्रखर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा में सफल होकर प्रशिक्षण के लिए पुणे एवं एक वर्ष के लिए देहरादून गए। अनिल सिंह ने कहा कि अब प्रखर सेना में लेफ्टिनेंट पद पर तैनात होकर देश व की रक्षा करेंगे।

