नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2022 के निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के सम्बन्ध में निर्देश जारी: अपर जिलाधिकारी

अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) राम अक्षबर चौहान ने अवगत कराया है कि राज्य निर्वाचन आयोग, उ0प्र0 लखनऊ के पत्र द्वारा नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन-2022 के निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण के सम्बन्ध में निर्देश जारी किया गया है। आयोग के पत्र द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में निर्वाचन व्यय के अनुश्रवण हेतु गठित समिति द्वारा निर्वाचन में प्रत्याशियों द्वारा किये जाने वाले व्यय के पर्यवेक्षण एवं निगरानी हेतु उड़न दस्ते  (Flying Squad) का गठन आवश्यकतानुसार किया जाएगा। गठित समिति द्वारा उपर्युक्त सभी घटनाओं पर पैनी नजर रखी जायगी। प्रत्येक उड़न दस्ते में एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट और एक पुलिस अधिकारी जो उपनिरीक्षक से न्यून स्तर का न हो, सम्मिलित होंगे। उड़न दस्ते को उक्त कार्य हेतु वीडियो कैमरा वीडियोग्राफर के साथ उपलब्ध कराया जाएगा तथा चेकिंग के समय सम्पूर्ण कार्यवाही की प्रारम्भ से अन्त तक वीडियो रिकार्डिंग की जाएगी और उक्त रिकार्डिंग की सीडी तैयार कराकर उसकी एक प्रति सम्बन्धित व्यक्ति को एवं एक प्रति जिला स्तरीय समिति को अनिवार्य रूप से उपलब्ध करायी जाएगी। उड़न दस्ते (Designated Flying Squad) के अतिरिक्त अन्य अधिकारी नकदी की बरामदगी के सम्बन्ध मे किसी कार्यवाही के लिए अधिकृत नहीं होंगे।
प्रतीक आवंटन के दिनांक से ही नामित उड़न दस्ते  (Designated Flying Squad)  वाहनां और व्यक्तियों की चेंकंग तथा मतदाताओं को प्रभावित करने हेतु उनके बीच रूपया, शराब या अन्य किसी वस्तु का वितरण करना, रिश्वत देना आदि के सम्बन्ध में जब्ती की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। जिन जनपदों में मतदान समाप्त हो जाएगा, वहाँ पर मतदान की समाप्ति के तुरन्त पश्चात् चेकिंग की कार्यवाही बन्द कर दी जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) आवश्यकतानुसार अथवा निकायवार एक या अधिक समर्पित उड़न दस्ते गठित करेंगे, जो अवैध नकदी का आदान प्रदान, या शराब का वितरण या अन्य कोई संदेहास्पद वस्तुएं, जो मतदाताओं को घूस देने के लिए प्रयोग में लाई जा रही हों, उसका पता लगाएंगे। उड़न दस्ते में टीम का प्रमुख एक वरिष्ठ कार्यकारी मजिस्ट्रेट होगा, पुलिस स्टेशन का एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एक वीडियोग्राफर और 3-4 सशस्त्र पुलिस कार्मिक होंगे। उनको नकदी या सामान इत्यादि की जब्ती के लिए, पुरी तरह समर्पित एक वाहन, मोबाइल फोन, एक वीडियो कैमरा और अपेक्षित पंचनामा दस्तावेज दिए जाएंगे। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय) आवश्यकतानुसार अथवा निकायवार एक या अधिक निगरानी टीम गठित करेंगे। प्रत्येक टीम में एक मजिस्ट्रेट और तीन या चार पुलिस कार्मिक होंगे। यह टीम चैक पोस्ट बनाएगी और अपने क्षेत्र में भारी मात्रा में लाए जाने वाली नकदी, अवैध शराब, कोई संदेहास्पद वस्तु या शस्त्रों इत्यादि की आवाजाही पर निगरानी रखेगी। जॉच की समस्त प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। स्थैतिक निगरानी दलां के लोकेशन समय-समय पर बदले जाएंगे जिससे कि अचरज का पुट बनाए रखा जा सके। यदि किसी व्यक्ति के कब्जे में रू0 2.00 लाख से अधिक नकदी पायी जाती है, उसका कोई भी अभिलेख नहीं प्रस्तुत किया जाता है और संदेह का पर्याप्त आधार है कि इसका प्रयोग मतदाताओं को रिश्वत देने में किया जा सकता है तो उक्त धनराशि को जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित प्रावधानों के अधीन कार्यवाही की जाएगी। उक्त कार्यवाही की सूचना आयकर विभाग को भी दी जायगी। नामित उड़न दस्ते  (Designated Flying Squad)  द्वारा प्रतिदिन की गयी कार्यवाही का विवरण जिला स्तरीय कमेटी के सदस्य सचिव, मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराया जाएगा तथा जिला स्तरीय कमेटी द्वारा परीक्षण करने के उपरान्त आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। निर्वाचन की अधिसूचना के उपरान्त जिला स्तर पर व्यय सीमा सम्बन्धी शिकायतें प्राप्त करने हेतु नियंत्रण कक्ष खोला जाएगा जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी प्रभारी के रूप में तैनात होगा और उसके सहायतार्थ दो या तीन अधिकारी/कर्मचारी तैनात किये जाएंगे। नियंत्रण कक्ष में दूरभाष की सुविधा उपलब्ध होगी जिसके नम्बर की सूचना दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से राजनैतिक दलो/उम्मीदवारों एवं आम जनता को दी जाएगी। निर्वाचन व्यय से सम्बन्धित जो भी शिकायतें प्राप्त होंगी, उस पर जिला स्तरीय समिति द्वारा अविलम्ब कार्यवाही की जाएगी। प्रतीक आवंटन के उपरान्त रिटर्निंग अधिकारी सभी प्रत्याशियों की बैठक करके व्यय सम्बन्धी नियमों एवं निर्देशों से उन्हे अवगत कराएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *