राममंदिर की भव्यता तो अनुपम होगी ही, तकनीक के मामले में भी देश के चुनिंदा मंदिरों में शामिल होगा। राममंदिर की प्रकाश व्यवस्था भी हाईटेक होगी। रात में भी पहुंचने पर राममंदिर की अद्भुत नक्काशी झलकती नजर आएगी।
राममंदिर के खंभों पर अद्भुत नक्काशी की गई है। मंदिर के गर्भगृह में भी धार्मिक थीम पर नक्काशी की जाएगी। इसकी भव्यता दिन में तो झलकेगी ही रात में भी यह नक्काशी भक्तों को आनंदित करे ऐसी योजना बन रही है। मंदिर के प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली की एक कंपनी को दी गई है। जिसने अपनी टीम के साथ अयोध्या पहुंचकर बुधवार रात प्रस्तुतीकरण भी दिया है।
ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इंजीनियरों की टीम ने मंदिर के अलग-अलग हिस्सों पर अलग-अलग रोशनी फैलाकर उसकी भव्यता दर्शाने की कोशिश की। कौन सी थीम पर किस तरह का प्रकाश दिया जाए। जिससे उसका आकर्षण रात में भी सामने आ सके। इंजीनियरों ने इसकी प्रस्तुति ट्रस्टियों व मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के समक्ष दी।
बताया गया कि मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा। ऐसे में जमीन पर खड़े व्यक्ति को मंदिर के ऊपरी हिस्से की नक्काशी, भव्यता खासकर रात में नहीं दिख पाएगी। ऐसी व्यवस्था की जा रही है मंदिर के हर तल समेत शिखर तक की अद्भुत नक्काशी व भव्यता खास रोशनी के माध्यम से भक्त देख सकें।
पर्व, त्योहारों पर खास होगी प्रकाश व्यवस्था
राममंदिर की प्रकाश व्यवस्था पर्व व त्योहारों पर इस तरह की रहेगी जो भी देखेगा वह मंत्रमुग्ध हो जाएगा। त्योहारों में भक्त रात के समय जब राममंदिर परिसर में प्रवेश करें तो उन्हें त्रेतायुग जैसी भव्यता की अनुभूति होनी चाहिए, कुछ ऐसी योजना है। रामनवमी, झूलनोत्सव में किस रंग की लाइटिंग की जाए, इसकी योजना पर विचार विमर्श चल रहा है। पर्व व त्योहारों पर थ्री डी मैपिंग व लेजर शो के जरिए रामकथा की प्रस्तुति पर भी विचार चल रहा है।
मंदिर परिसर की प्रकाश व्यवस्था अत्याधुनिक होगी। बिजली की वायरिंग और साउंड सिस्टम की वायरिंग पत्थरों की दीवारों पर संभव नहीं है। ऐसे में आधुनिक वायरलेस तकनीक से बिजली लाइट और साउंड सिस्टम की तकनीकी व्यवस्था बनाने पर राय बनी है। लाइट किस-किस तरह सजेगी, खास अवसरों पर किस रंग की लाइटिंग होगी, इस पर भी मंथन किया गया। ये सिस्टम दिखेंगे नहीं, लेकिन उससे भजन और प्रकाश का संचालन होता रहेगा।

