इप्सेफ द्वारा सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर आग्रह किया गया है कि विभागों में रिक्त पड़े पदों पर तत्काल नियमित भर्तियां कराएं।
वर्ष 2023 के अंत तक अनुभवी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाइज फेडरेशन (इप्सेफ ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्र एवं महामंत्री प्रेमचंद्र ने देशभर के सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि विभागों में रिक्त पदों पर तत्काल नियमित नियुक्तियां कराएं जिससे अनुभवी कर्मचारी भविष्य में विभागों को मिलते जाएं। उन्होंने कहा है कि वर्ष 2023 के अंत तक लगभग एक तिहाई अनुभवी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो जाएंगे जिससे वैक्यूम हो जाएगा।
श्री प्रेमचंद्र ने यह भी आग्रह किया है कि यदि आयोग भर्तियां में विलंब कर रहे हैं तो विभाग स्तर पर कर्मचारियों की भर्ती कराई जाए उन्होंने खेद व्यक्त किया है कि सातवें वेतन आयोग व संस्तुतियां किए जाने के बाद संवर्गो के कैडर रिव्यू नहीं किए गए हैं जिससे सातवें वेतन आयोग का पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पाया है। सरकार का दायित्व बनता है कि शक्ति से काम लेने के साथ-साथ उनके हितों की भी रक्षा करें। आपसी सामंजस्य से प्रदेश तेजी से विकास कर सकता है दुखी एवं हताश कर्मचारी से अपेक्षित कार्य नही लिया जा सकता है।
राष्ट्रीय सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश में सभी विभागों में एक तिहाई नियमित कर्मचारी बचे हैं वह भी वर्ष 2023 के अंत तक सेवानिवृत्त हो जाएंगे इसलिए वैक्यूम ना हो ।युद्ध स्तर पर भर्तियां की जाए। खासतौर से स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों मेडिकल कॉलेजों एवं इंस्टिट्यूट में सभी रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां एवं पदोन्नति की जाए। संवर्गों की लंबित सेवा नियमावलीओं पर तत्काल निर्णय किया जाए। सार्वजनिक निगमों/उपक्रमों एवं स्थानीय निकायों के कर्मचारियों के लंबित प्रकरण पर भी प्राथमिकता के आधार पर निर्णय किया जाए जिससे कर्मचारी पूरी मनोभावना से सेवाएं दे सके।
इप्सेफ ने प्रधानमंत्री जी को भी पत्र भेजकर आग्रह किया है कि कर्मचारियों की पीड़ा को दूर करने की कृपा करें।

