जौनपुर । निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री डॉ संजय कुमार निषाद निषाद बुधवार को पार्टी द्वारा जौनपुर में आयोजित एकदिवसीय अधिवेशन में भाग लेने पहुंचे थे ।जहा पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय कुमार निषाद ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कानपुर में बुलडोजर चलने के दौरान हुई मौत की घटना के मामले में कहाकि घटना किसी के साथ हो घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए बल्कि उसके साथ संवेदना होनी चाहिए, विपक्ष को पूरा हक है विरोध करने का लेकिन उसे कब कहां कैसे बोलना चाहिए इसकी भी जानकारी होनी चाहिए। साथ ही संजय निषाद ने इन दिनों विवादों में घिरे सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्या द्वारा रामचरित मानस पर दिए विवाद पर भी तंज कसा तो वही ओम प्रकाश राजभर के पार्टी के वापसी पर उन्होंने कहा कि जो हमारी विचारधारा से मेल खाता है वही हमारे साथ होता है। ओमप्रकाश राजभर अलग-अलग जगह चाय पीते हैं पार्टी करते हैं और रात को किसी और के घर से निकलते हैं तो ऐसी स्थिति में स्थापित हो जाएंगे तो देखा जाएगा यह पार्टी है। कौन आएगा कौन जाएगा यह निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व करता है। संजय निषाद जौनपुर में निषाद पार्टी द्वारा आयोजित एक दिवसीय अधिवेशन में शामिल होने पहुँचे थे। हम लोगों ने सोचा कि इस बार 2024 फिर हम फिर केंद्र में एनडीए की की सरकार बनाएंगे. पिछले बार से इस बार ज्यादा सीट जीतेंगे। 2019 में सपा बसपा गठबंधन था फिर भी मैं 18 % निषाद राज के मोदी सरकार के साथ खड़ा था। बाल्मीकि मछुआ मल्लाह समुदाय के लोग जिस पार्टी से जुट गई है वह हमेशा सफल रहा है मैं पार्टी से जुड़ा हूं मेरा अटूट को गठबंधन है।
सपा की हालत सुधरेगी कि नहीं इस पर उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह के नेता रहे तो वह वही बता सकते हैं। ।ओम प्रकाश राजभर के पार्टी के वापसी पर उन्होंने कहा कि जो हमारी विचारधारा से मेल खाता है।वही हमारे साथ होता है।जब 2017 में साथ थे अब कौन सलाहकार मिल गए कि समय कहां चला गया पता नहीं है। अभी तक जिस का गुणगान कर रहे थे और जब रिलेशन खराब हो गए हैं तो अनबसनब बक रहे हैं इनका टेस्ट अलग-अलग है इनकी अमर्यादित जुबान है अगर मर्यादित हो जाएंगे तो पार्टी से मेल खाएंगे तो देखा जाएगा। पार्टी की जो सोच है अंतिम व्यक्ति का उदय हो पार्टी का उद्देश्य अंतिम पायदान तक के लोगो को उनको भी ऊपर ले आना है। निषाद राज पार्टी के बारे में कहा कि हम अपने ही वोट देकर अपने आने वाली पीढ़ी को कहां पहुंचाया है और दूसरे का विकास करा दिया है और अपना विनाश करा दिया है अब अपना वोट इकट्ठा करो। किसी भी राजनीति हिस्सेदारी उसके झंडे से मिलती है जब झंडा नारा उसका होगा पार्टी उसकी होगी तो जो उसके सदस्य होंगे उसके पदाधिकारी होंगे तभी कुछ आगे हो सकता है ।आज हमने अपने कार्यकर्ता को बताने वाले हैं जब भगवान राम के हाथ में सत्ता थी रामराज था तब हर जाति हर धर्म हर वर्ग का सम्मान था और निषाद राज भी सम्मानित थे। आज हम अपने बूथ लेवल ब्लॉक लेबल के कार्यकर्ताओं से मिलकर उनको एकत्रित कर रहे हैं और मजबूती के साथ निषाद पार्टी को खड़ा कर रहे हैं। 26 को निषादराज की जयंती है और वहां पर निषादराज की मूर्ति लगी है जहां प्रधानमंत्री की आने की संभावना है उसकी तैयारी को लेकर हम सभी को एकत्रित कर रहे हैं विरोधी पार्टियों का जो चुनाव हारती है जो सत्ता से दूर होती है वह हमेशा दूसरे के मन में हमेशा भ्रम पैदा करना ऐसे में उनको संगठित करने का काम करना है। 1947 को हमने देश आजाद कराया था तब से 2014 तक सिर्फ केंद्र सरकार ने हमारे मछुआरों के विकास के लिए ₹3000 करोड़ दिया था लेकिन पहली बार 2014 में सरकार बनी तो 20000 करोड रुपए इनके विकास के लिए आया है।

