गोरखपुर ईलाज के दौरान महिला की मृत्यु संचालक गिरफ्तार

गोरखपुर। गोला तहसील क्षेत्र के थाना उरुवा बाजार में 3 वर्ष पूर्व अस्पताल का रजिस्ट्रेशन करा कर अवैध रूप चल रहे अस्पताल संचालक को उरुवा पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार किया। यह अस्पताल सीएमओ के यहां से रिनुअल नहीं कराया गया। अवैध तरीके से अस्पताल चलता रहा। अस्पताल में प्रसूता को भर्ती कराया गया। प्रसूता की मृत्यु हो जाने पर परिवार जनों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देते हुए मुकदमा पंजीकृत कराया गया।

गोरखपुर में इस तरह के दर्जनों अस्पताल अवैध तरीके से चल रहे हैं,जहां एक ही डॉक्टर कई अस्पतालों का संचालन कर रहा है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ गौरव ग्रोवर ने पुलिस लाइन वाइट हाउस सभागार में प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि अवैध तरीके से अस्पताल चलाने वाले संचालकों व डॉक्टरों ऊपर नकेल कसने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

आज उरुवा पुलिस ने संचालक अभियुक्त संजय तिवारी पुत्र स्व0 केशभान तिवारी निवासी मटहरिया पोस्ट खिरकिटा दिगर थाना गोला जनपद गोरखपुर (संचालक के.बी. मेमोरियल अस्पताल उरुवा बाजार) को गिरफ्तार किया एसएसपी ने बताया कि 17 फरवरी को को वादिनी मुकदमा अपनी पुत्रवधू पूजा देवी पत्नी जितेन्द्र पता उपरोक्त जो गर्भवती थी, को प्रसव के लिए के0वी0 मेमोरियल हास्पिटल उरूवा बाजार जनपद गोरखपुर लाया गया।जहां अस्पतला के संचालक संजय तिवारी पुत्र स्व0 केशभान तिवारी निवासी मटहरिया पोस्ट खिरकिटा दीगर थाना गोला जनपद गोरखपुर मय स्टाफ व डा0 मनीष पाण्डेय अपने टीम के साथ मौजूद थे।

उपरोक्त लोगो ने प्रार्थिनी के पुत्रवधू का सर्जरी द्वारा डिलीवरी कराने की बात कही जिसके लिए 50,000 रूपया एडवांस मे ले लिए तथा डाक्टर मनीष पाण्डेय उपरोक्त अपने टीम के साथ समय करीब रात साढ़े नव बजे सर्जरी किया। जिससे पुत्री का जन्म हुआ । सर्जरी बाद जच्चा बच्चा दोनो ठीक थे दिनांक 18.फरवरी को सूबह करीब 09.30 बजे पूजा उपरोक्त की तवियत अत्यधिक खराब हो गयी । अस्पताल के लोगो द्वारा प्राइवेट वाहन में बैठाकर जिला महिला चिकित्सालय गोरखपुर रेफर कर दिया। रास्ते मे जाते समय पूजा उपरोक्त की मृत्यु हो गयी ।

जिसके सम्बन्ध मे वादिनी के तहरीर पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 33/23 धारा 304 भादवि बनाम 1. संजय तिवारी (संचालक के.बी. मेमोरियल अस्पताल उरुवा बाजार ) , 2. डा0 मनीष पाण्डेय (आपरेशन कर्ता ) व 3. इनके अन्य सहयोगी स्टाफ नाम पता अज्ञात पंजीकृत किया गया है । अब तक की जाँच से यह पाया गया है कि उक्त अस्पताल वर्तमान में सीएमओ ऑफिस में पंजीकृत नही है व इसमें अनाधिकृत रूप से मरीजों का ईलाज किया जाता है।

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