गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने विवादों में पड़ी 192 एकड़ भूखंड का रास्ता साफ होने के बाद इसके आवंटन की तैयारी शुरू कर दी है। सेक्टर 13 और 15 में होने की वजह से इन भूखंडों की डिमांड ज्यादा है। इन भूखंडों पर करीब छोटे-बड़े 100 यूनिट स्थापित होंगी। इससे करीब चार हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। गीडा इसी माह इसके लिए टेंडर जारी करेगा।
वर्ष 2009 में गीडा की ओर से कालेसर में करीब 97.4 एकड़ और हरैया कानूनगो में 94.76 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। जमीन के आवंटन के लिए विकास काम शुरू किए जाने से पहले ही कई काश्तकार हाईकोर्ट चले गए और अधिग्रहण की प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए वाद दाखिल किया। बीच के कुछ गाटों पर उन्हें स्थगन आदेश भी मिल गया।
ऐसे में गीडा इस जमीन पर विकास कार्य शुरू नहीं कर सका और इसका आवंटन भी नहीं किया जा सका। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में बड़े पैमाने पर आने वाले निवेश प्रस्तावों को देखते हुए गीडा ने कोर्ट में पैरवी तेज की। इसका असर यह हुआ कि 192 एकड़ जमीन के आवंटन का रास्ता साफ हो गया है। अब यहां करीब 100 औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की तैयारी गीडा ने शुरू कर दी है।
बड़े प्रोजेक्ट औद्योगिक गलियारे में लगेंगे
पवन अग्रवाल ने बताया कि सेक्टर 13 और 15 में अब बड़े प्रोजेक्ट नहीं लग सकते हैं। क्योंकि, यहां पर केवल 192 एकड़ जमीन है। जबकि, बड़े प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत है। इसलिए बड़े प्रोजेक्ट के लिए औद्योगिक गलियारे में जमीन उपलब्ध कराया जाएगा। क्योंकि, गलियारे में पर्याप्त लैंड बैंक हैं।
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि दोनों जगहों पर छोटे-छोटे भूखंड निकाले जाएंगे। यह एक हजार वर्ग मीटर से करीब छह हजार वर्ग मीटर के होंगे। इन भूखंडों का इस्तेमाल समिट में आने वाले प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए किया जाएगा। क्योंकि, समिट में कई ऐसे प्रस्ताव भी आए हैं, जो छोटे प्रोजेक्ट के तौर पर है। इसमें 20 से 25 करोड़ वाले प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके लिए भूखंडों का इसी माह टेंडर भी निकाला जाएगा।

