आप जिसे देखेंगे वो आपको मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता हुआ नजर आएगा। किसी को वॉयस या वीडियो कॉल करनी हो, अपना मनोरंजन करना हो, ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो, खाना ऑर्डर करना हो या फिर किसी को पैसे भेजने हो आदि। ऐसे ही कई अन्य काम भी मोबाइल फोन की मदद से ही हो जाते हैं। बस इसके लिए आपके मोबाइल में इंटरनेट मौजूद हो। वहीं, किसी को पैसे भेजने और अन्य कामों के लिए ओटीपी की जरूरत होती है, जो आपके मोबाइल नंबर पर आता है। लेकिन आप शायद ये नहीं जानते होंगे कि आजकल सिम कार्ड स्वैपिंग फ्रॉड काफी ज्यादा चल रहा है, जिसमें आपको ठगा जाता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप कुछ बातों का ध्यान रखें। वरना आपके साथ भी सिम कार्ड स्वैपिंग फ्रॉड हो सकता है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में…

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पहले समझिए सिम कार्ड स्वैपिंग को
- इस सिम कार्ड स्वैपिंग में जालसाज लोग आपके सिम कार्ड को अपने नकली सिम से बदल लेते हैं। इसके बाद वो टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर से आपके नंबर का ही दूसरा सिम जारी करवा लेते हैं। वहीं, अगर ये नंबर बैंक खाते से लिंक है, तो सारे ओटीपी जालसाज के पास चले जाते हैं और फिर वो आपको ठग सकते हैं।
किसी को न दें मोबाइल
- आपको सबसे पहले इस बात का ध्यान देना है कि अपना मोबाइल फोन किसी को भी न दें, और न ही उसे अकेले में छोड़ें। हो सकता है कि जिन्हें आप अपना समझ रहे हो वो ही आपका सिम कार्ड बदल दे या आपके आसपास बैठा कोई शख्स ये काम कर दें।

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मोबाइल स्विच ऑफ न करें
- जालसाज कई बार लोगों को इतना कॉल करते हैं कि वो परेशान होकर अपना मोबाइल स्विच ऑफ तक कर देते हैं। लेकिन ऐसा कभी न करें, क्योंकि जालसाज यही चाहते हैं और मोबाइल स्विच ऑफ होने पर जालसाजों को मोबाइल नंबर चालू कराने का समय मिल जाता है।

