इमरान खान को होगी जेल? अल-कादिर-ट्रस्ट मामले में होगी पेशी : जमानत याचिका पर आज सुनवाई करेगा इस्लामाबाद HC,

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए आज एक अहम दिन है। बुधवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट अल कादिर ट्रस्ट मामले में इमरान खान की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा। बुधवार को खान की जमानत पूरी हो गई है।

दो अतिरिक्त जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई
इस्लामाबाद हाईकोर्ट देश की राजधानी में आयोजित रैली के दौरान धारा 144 के उल्लंघन मामले के साथ-साथ नौ मई को हुईं हिंसा की घटनाओं के मामले में खान की दो अतिरिक्त जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगा। इसके अलावा कोर्ट बुधवार को इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी की जमानत याचिका पर भी सुनवाई करेगा। बुशरा बीबी पर भी अल कादिर ट्रस्ट मामले में केस दर्ज है।

100 से अधिक केस दर्ज
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 12 मई को पीटीआई प्रमुख को 15 मई तक सभी दर्ज मामलों में गिरफ्तार न करने से रोकने के लिए निर्देश जारी किए थे। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई में 31 मई तक गिरफ्तारी पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें, पाकिस्तानी पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। जबकि, उनकी पत्नी के खिलाफ तोशखाना और अल कादिर ट्रस्ट मामले में केस दर्ज है।

यह है अल कादिर ट्रस्ट मामला
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) ने पिछले दिनों इमरान खान, उनकी पत्नी बुशरा बीवी और इमरान खान की पार्टी पीटीआई से जुड़े कई नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामला अल कादिर ट्रस्ट विश्वविद्यालय से जुड़ा है। आरोप है कि इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए अपनी पत्नी बुशरा बीबी और पीटीआई के कुछ अन्य नेताओं के साथ मिलकर अल-कादिर यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट ट्रस्ट का गठन किया था। इसका उद्देश्य पंजाब के सोहावा जिला झेलम में ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ प्रदान करने के लिए ‘अल-कादिर विश्वविद्यालय’ स्थापित करना था। ट्रस्ट के कार्यालय के पते का उल्लेख “बनी गाला हाउस, इस्लामाबाद” के रूप में किया गया है।

इमरान खान पर आरोप है कि इस विश्वविद्यालय के लिए इमरान और उनकी पत्नी ने एक रेशिडेंशियल कॉम्प्लेक्स की जमीन गैर कानूनी तरीके से हड़प ली। इसके लिए दोनों ने पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्सियत मलिक रियाज को धमकी भी दी थी। इमरान की पत्नी बुशरा बीबी की ओर से पांच कैरेट के हीरे की अंगूठी मांगे जाने की बात भी सामने आई थी। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य पीटीआई नेताओं पर राष्ट्रीय खजाने को 190 मिलियन पाउंड का नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगा है।

नौ मई को यह हुई थी हिंसा
पाकिस्तान सरकार के आदेश पर नौ मई को खान को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पीटीआई कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस, मियांवाली एयरबेस, आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी। रावलपिंडी के सैन्य मुख्यालय पर भी भीड़ ने हमला किया था। पुलिस के अनुसार, हिंसा में करीब 10 लोगों की मौत हुई थी। वहीं पीटीआई का दावा है कि सुरक्षाबलों की फायरिंग में उनके पार्टी के करीब 40 लोगों की मौत हो गई। सुरक्षाबलों ने इसके बाद कई पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया, जिनमें कई पूर्व मंत्री भी शामिल थे।

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