गंगा जल के 1001 कलशों से हुआ बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक, गूंजा हर-हर महादेव

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी ‘निर्जला एकादशी’ पर बुधवार को काशीपुराधिपति की नगरी अपने आराध्य की भक्ति में आकंठ लीन रही। निर्जला एकादशी पर बुधवार को गंगा जल के 1001 कलशों से भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। मान्यता है कि हर एकादशी को महादेव की आराधना करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।

श्री काशी विश्वनाथ वार्षिक कलश यात्रा में हजारों लोगों ने राजेंद्र प्रसाद घाट से कलश में जलभर कर महादेव के दरबार में जलाभिषेक किया। वहीं, हर-हर महादेव के नारे से काशी गूंज उठा। कलश यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की छवि धारण किए कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुति विशेष उत्साह भर रही थी।

डमरू की गर्जना के साथ भक्तों के हर-हर महादेव के उद्घोष से सम्पूर्ण परिवेश शिव भक्ति से ओत-प्रोत रहा। गंगा घाट पर कलश पूजन पंडित अमरकांत के आचार्यत्व में पांच ब्राह्मणों ने कराया। यजमान विनोद लोहिया, सीमा लोहिया, और निधि देव अग्रवाल समेत अन्य लोग थे। इससे पहले पहले संस्था के लोगों ने मां गंगा की आरती उतारी।
पुराणों की मानें तो एकादशी के दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में भोले नाथ और माता पार्वती का जलाभिषेक करने से जीवन सफल होता है। ऐसा करने से भक्तों की मुराद भी पूरी होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *