मानव जीवन का दुख बांटने से उसका प्रतिसाद घटता है,सांत्वना और उत्साहित करने वाली चर्चा उसका उत्तम इलाज है
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। विनोबा विचार प्रवाह के सूत्रधार रमेश भैया ने कहा कि विनोबा विचार प्रवाह परिवार से जुड़े श्री अजय कुमार पांडे अगस्त माह में अपने बड़े भाई के असमय चले जाने के दुख को बांटने अपने पूज्य बुजुर्ग पिता श्री सुदामा प्रसाद पांडे जी के साथ दो तीन सप्ताह का समय सेवा में बिताकर रविवार को लखनऊ वापस पहुंच जाने की खबर कल रात ही उनके अभिन्न अंग श्री संजय राय जी ने दी। पांडे जी की ओजपूर्ण आवाज और हंसता हुआ चेहरा देखने के लिए व्यथित मन नहीं माना और अनायास ही अपने उज्जैन शिविर में बने मित्र श्री रामू लाल पांडे वरिष्ठ पत्रकार के साथ अजय पांडे जी से भेंट करने उनके नए संयुक्त सचिव कार्यालय जो विशाल सचिवालय में स्थित,में पहुंचना हुआ। श्री अजय पांडे ने कहा कि बड़े भइया के रहते हम पिता जी जो 90 के लगभग हैं ।उनकी किसी प्रकार की चिंता से मुक्त थे। लेकिन अब उन चिंताओं को हमें अपनी प्राथमिकताओं में जोड़ना होगा। अभी तक हम भाई जी डा एस एन सुब्बाराव जी के देश विदेश के सैकड़ों शिविरों , विनोबा विचार प्रवाह के शिविरों में तुरंत निकल पड़ने में हमें प्रसन्नता होती थी। अब उस स्वतंत्रता में थोड़ी बाधा दिख रही है। रमेश भइया ने श्री पांडे जी इस एक माह की गतिविधियों की जानकारी देते हुए आगे के नंदिनी शिविरों की तिथियों से अवगत कराया। भइया ने श्री पांडे जी बाबा के जीवन से जुड़ी एक दो पुस्तकें तैयार करने का आग्रह किया ताकि वे शिविर में आपको अनुपस्थिति का अहसास नहीं होने देगी। इस प्रकार की पुस्तकों को नंदिनी परिवार प्रकाशित करेगा। इस दुख सुख की संगम वेला पर पहली बार सचिवालय में पधारे श्री आर एल पांडे जी की सेवाओं का सम्मान करते हुए श्री अजय पांडे जी ने विनोबा जी की प्रिय पुस्तक गीता प्रवचन भेंट स्वरूप प्रदान की। कल से ही उनके आफिस पहुँचकर अनेक विशेष सचिव , संयुक्त सचिव ,अवर सचिव व अनु सचिव दुख बांटने पहुँचे थे।पांडे जी ग्यारह साल से सचिवालय प्रशासन जैसे जिम्मेदार विभाग में हैं। इस अवसर पर पंचायती राज विभाग के संयुक्त सचिव श्री जय प्रकाश पांडे और सिंचाई विभाग के अवर सचिव श्री इंद्रजीत सिंह उपस्थित रहे। बाबा विनोबा के आशीर्वाद से धीरे धीरे पूर्व की भांति सामान्य होंगें श्री अजय पांडे जी,ऐसा विश्वास सभी ने व्यक्त किया।

