लड़की को निकाह के लिए मजबूर करने के संदर्भ में अमित द्विवेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष मानवाधिकार संगठन शिशिर चतुर्वेदी हिन्दू महासभा अध्यक्ष व असीम पांडेय ब्राह्मण महा सभा की सयुंक्त प्रेस वार्ता
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। लड़की को निकाह के लिए मजबूर करने के संदर्भ में अमित द्विवेदी राष्ट्रीय अध्यक्ष मानवाधिकार संगठन शिशिर चतुर्वेदी हिन्दू महासभा अध्यक्ष व असीम पांडेय ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित सयुंक्त प्रेसवार्ता में पीड़ित अधिवक्ता पिता ने कहा कि जब पोक्सो की धारा लग जाती है तब पीड़ित लड़की का बयान 161 में महिला पुलिस घर पर विना वर्दी के आकर लेती है लेकिन इस केस में ऐसा नहीं हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि पीड़िता के पिता अधिवक्ता है उन्होंने खुद जाँच अधिकारी से बता दिया था कि बिना वर्दी में आना लेकिन एक दरोगा और दो महिला पुलिस वर्दी में पीड़ित के घर रात में आये बयान लिए और फोटो भी खींचा जबकि पोक्सो एक्ट की धारा 24 में साफ है कि पीड़िता का बयान लेते समय उसके घर का कोई ना कोई साथ में रहेगा बयान लेते समय और कोई भी फोटो नहीं लेगा
लेकिन इस केस में ऐसा नहीं हुआ लखनऊ उच्च न्यायालय के प्रसिद्ध अधिवक्ता की बालिका को आरोपी सैयद सीजान अब्बास के द्वारा पिछले काफी समय से इस्लाम कबूल करने और जबरदस्ती निकाह करने के लिए बात किया जा रहा था तथा इनकार करने पर एवं उनके उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी अंत में पीड़िता ने अपने पिता को यह बात बताई। इसके बाद पीड़ित लड़की के पिता द्वारा अलीगंज लखनऊ के थाने में आरोपी सैयद सिजान अब्बास पुत्र रईस अब्बास निवासी 456/ 294 सज्जाद बाग कॉलोनी थाना ठाकुरगंज के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई जहां आरोपी का चित्र सोशल मीडिया पर हथियार लहराते प्राप्त हुआ है जिससे साबित होता है कि आरोपी अपराधी प्रवृत्ति का है प्रथम दृश्य में यह मामला लव जिहाद से प्रेरित लगता है उक्त मामले को ध्यान में रखते हुए मानव अधिकार संरक्षण संगठन उत्तर प्रदेश सरकार से किया कुछ मांग अपेक्षित करता है जो निम्नलिखित है
. पीड़िता के परिवार को प्रशासन द्वारा सुरक्षा मुखिया कराई जाए प्रशासन द्वारा आरोपी व्यक्ति के चरित्र की गंभीरता से जांच की जाए IPS (कमेटी )SIT टीम गठित करके मामले की जांच गंभीरता से की जाए
एंटी रोमियो टीम को विशेष रूप से सक्रिय किया जाए ताकि बालिकाओं को सुरक्षित किया जा सके।
थाने के अंदर बालिका को डराने धमकाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित करके उनके ऊपर कठोर कार्रवाई की जाए।

