श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

12 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

सिव पद कमल जिन्हहि रति नाहीं
रामहि ते सपनेहुँ न सोहाहीं ।।
बिनु छल बिस्वनाथ पद नेहू ।
राम भगत कर लच्छन एहू ॥
( बालकांड 103/3)
राम राम 🙏🙏
भरतद्वाज जी द्वारा राम जी कौन हैं पूछने पर याज्ञवल्क्य ऋषि ने पहले उन्हें शिव कथा सुनाई । शिव कथा सुनाने के बाद वे कहते हैं कि जिन्हें शिव जी चरणों में प्रेम नहीं है वे राम जी को भी अच्छे नहीं लगते हैं ।शिव चरणों में निष्कपट प्रेम होना राम भक्त का लक्षण है ।
निष्कपटता प्रभु को भाती है परंतु माया से लिपटा जीव को कपट भाता है , लुभाता है । पूर्ण समर्पण के साथ हरि भजन करने पर ही कपट जाता है । कपट का जाना ही प्रभु का पाना है । अतएव राम भक्ति पाने के लिए पहले निष्कपट भाव से शिव जी को जपें । अथ ! जय शिव शंकर, जय जय महादेव 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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