17 मार्च – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
सकल सुमंगल दायक
रघुनायक गुनगान ।
सादर सुनहिं ते तरहिं
भव सिंधु बिना जलजान ।।
( सुंदरकांड , दो. 60)
राम राम 🙏🙏
समुद्र ने सागर पार जाने का उपाय बताया है , राम जी ने सागर तट के उत्तर में रहने वाले खलों का वध किया है । राम जी के बल को देखकर समुद्र हर्षित हो जाता है तथा राम चरणों की वंदना करते हुए वापस जाता है । राम जी का गुणगान सब प्रकार से मंगल करता है । जो इन्हें आदर के साथ सुनेंगे वे भी भव सागर बिना किसी अन्य साधन के पार हो जाएँगें ।
राम जी का गुणगान सब प्रकार से मंगल करता है कारण मंगल करना ही इसका गुण है । तो हमें अपना मंगल करने के लिए अन्य कुछ उपाय करने की ज़रूरत नहीं है बस राम गुणगान, रघुनाथ यशगान में अपने को लगा देना है । संसार हमारे लिए बाधा मुक्त हो जाएगा और हम सहजता से बिना किसी अन्य साधन के जगत की कठिनाइयों को आनंद से पार कर लेंगे । अतएव! जय जय रघुनायक, जय मंगलदायक 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

