23 मार्च- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
कहहु भगति पथ कवन प्रयासा
जोग न मख जप तप उपवासा ।।
सरल सुभाव न मन कुटिलाई ।
जथा लाभ संतोष सदाई ।।
( उत्तरकांड 45/1)
राम राम 🙏🙏
राम जी ने अपने राज्याभिषेक के कुछ दिनों बाद सभी अयोध्या के निवासियों को बुलाया है और कहा कि यदि आप सुख चाहते हैं तो मेरी भक्ति अपना लें । ज्ञान कठिन है उसमें अनेक विघ्न हैं । भक्ति में कौन सा श्रम लगता है , इसमें योग यज्ञ तप उपवास किसी की ज़रूरत नहीं पड़ती है । बस स्वभाव सरल हो , मन में कुटिलता न हो तथा जो मिल जाए उसी में सदा संतोष करें , ऐसे में भक्ति मिल जाती है ।
सुख भक्ति में है , सुख सरलता में है , सरलता कपट छोड़ने पर आती है , जो सरल है वही संतोषी भी है । जो संतोषी है वही जगदीश की ओर देखता है तब जगदीश कृपा करते हैं , अपनी भक्ति देते हैं । भक्ति आते ही सुख आ जाता है कारण जीव सुखधाम के साथ लग जाता है । अतएव ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

