20/21 अप्रैल – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
असरन सरन बिरदु संभारी ।
मोहि जनि तजहु भगत हितकारी
मोरें तुम्ह प्रभु गुर पितु माता ।
जाउँ कहाँ तजि पद जलजाता ।।
( उत्तरकांड 17/2)
राम राम 🙏 🙏
राम जी के राजा बने 6माह बीत गये हैं । राम जी अब सभी कपियों का सम्मान कर विदा कर रहें हैं । जब अंगद की बारी आती है तो अंगद जी कहते हैं कि मरते समय पिताजी ने मुझे आपको सौंप दिया था । भक्तों का हित करने वाले प्रभु !अपना अशरण शरण विरद याद करके मुझे जाने के लिए न कहिए । मेरे तो आप ही गुरू माता पिता हैं । आपके चरण कमलों को छोड़कर मैं कहाँ जाऊँ ।
अशरण शरण भगवान का गुण है वह आपको याद रहें या न रहें यह बहुत महत्वपूर्ण नहीं है पर भगवान आपके सब कुछ हैं यह सदा याद रखने से उनकी कृपा जरूर मिल जाती है । अतएव! सदा याद रखें । मेरे राम , जय मेरे राम 🚩🚩🚩

