आडी कार की झूठी चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुये घटना में शामिल शातिर अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। सर्विलांस/क्राइम टीम डीसीपी पूर्वी व थाना चिनहट की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा बीमा क्लेम के पैसे को प्राप्त करने के उद्देश्य से आडी कार की झूठी चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुये घटना में शामिल 01 शातिर अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।
डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम व थाना विभूतिखण्ड की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा 01 नफर अभियुक्त हिरासत पुलिस में लिया गया तथा उसके कब्जे से घटना में चोरी गयी आडी कार UP-32-HY-7711 बरामद किया गया। पकड़े गये अभियुक्त के सम्बन्ध में विधिक कार्यवाही की जा रही है।
अपराध का संक्षिप्त विवरण बताते हुए डीसीपी ईस्ट प्रवल प्रताप सिंह ने कहा कि
वादी मुकदमा अंकुर श्रीवास्तव पुत्र प्रमोद कुमार
श्रीवास्तव निवासी 548/260-B विक्रम नगर थाना पारा लखनऊ द्वारा
सूचना दिया गया कि दिनांक 27.04.2024 को समय 12.00 बजे
अपनी आडी कार से अपने आफिस निर्माण निगम विभूतिखण्ड
गोमतीनगर गये थे, जिसको रोड के किनारे खड़ी किये थे। सायं 4.00
बजे वापस गाड़ी के पास आए थे तो गाड़ी खड़ी किये गये स्थान पर
नहीं थी, जो किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ली गयी है जिसके
सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मु0अ0स0 0153/2024 धारा 379
भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया। उक्त प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए उच्चाधिकारीगणो के निर्देशन में करीब
150 सीसीटीवी फुटेज की मदद से आज दिनांक 30.04.2024 को वादी अंकुर श्रीवास्तव को आडी गाड़ी के साथ
डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम व थाना विभूतिखण्ड की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा मोहान रोड कट, सरोसा
भरोसा गावं के पास समय 12.30 बजे दोपहर में मय चोरी गयी आडी गाड़ी के हिरासत में लेकर घटना का
अनावरण किया गया। विवेचना क्रम में पूछताछ करने पर अंकुर श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि मेरी कार का एक्सीडेन्ट
वर्ष 2019 में हो गया था मैं अपनी कार को बेचना चाहता था परन्तु एक्सीडेन्टल गाड़ी होने के कारण गाड़ी की कीमत 10
लाख से ज्यादा नहीं मिल पा रही थी जबकि गाड़ी की आडीवी वैल्यू वर्तमान समय में 40 लाख रुपया है। मैं अपने दोस्त
हितेश निवासी पीरागढ़ी नई दिल्ली जिसका दिल्ली में अपना गाड़ियों का वर्कशाप है, गाड़ी के सम्बन्ध में यह योजना बनाई
कि गाड़ी चोरी दिखाकर बीमा क्लेम प्राप्त कर लेगें एवं गाड़ी को भी कटवा देंगें। आज मैं दिल्ली लेकर गाड़ी जा रहा था कि
पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया। मेरी हितेश से जान पहचान एक्सीडेन्ट के बाद गाड़ी को बनवाते समय हुई थी। आडी कार की
चोरी की घटना असत्य पायी जा रही है। उक्त घटना वादी मुकदमा द्वारा अपने दोस्त हितेश के साथ मिलकर बीमा क्लेम के
पैसे को प्राप्त करने के उद्देश्य से योजना बनाकर एफआईआर दर्ज करायी गयी थी। मुकदमा उपरोक्त को धारा 379 भादवि से
धारा 195/420/120-बी भादवि में तरमीम कर वादी व उसके मित्र हितेश के विरुद्ध धारा 195/420/120-बी भादवि के
तहत विधिक कार्यवाही की जा रही है। पकड़ा गया अभियुक्त निर्माण निगम लिमिटेड विभूतिखण्ड में एडी 2 के पद
पर कार्यरत है।

