30 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
अपतु अजामिलु गजु गनिकाऊ
भए मुकुत हरि नाम प्रभाऊ।।
कहौं कहाँ लगि नाम बड़ाई ।
रामु न सकहिं नाम गुन गाई ।।
( बालकांड 25/4)
राम राम 🙏🙏
राम नाम की महिमा बताते हुए गोस्वामी जी कहते हैं कि नीच अजामिल , गज और गणिका श्रीहरि नाम के प्रभाव से मुक्त हो गये । मैं नाम की महिमा कितनी बताऊँ , राम जी भी नाम के गुणों को नहीं गा सकते हैं ।
श्रीराम नाम की महिमा असीम है , इसे बताया नहीं जा सकता है । इसे लेकर ही इसका प्रभाव समझा सकता है । अत: , जपों निरंतर ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
29 मई – श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏
सुनु दसकंठ कहउँ पन रोपी ।
बिमुख राम त्राता नहिं कोपी ।।
संकर सहस बिष्नु अज तोही ।
सकहिं न राखि राम कर द्रोही।।
( सुंदरकांड 22/4)
राम राम 🙏🙏
हनुमान जी को नागपाश से बांध कर मेघनाद रावण के दरबार में लाया है । रावण ने हनुमान जी से प्रश्न पूछें हैं , उनका उत्तर देने के बाद हनुमान जी रावण को समझाते हुए कहते हैं कि रावण सुनो! मैं शपथ पूर्वक कहता हूँ कि राम विमुख की रक्षा करने वाला कोई नहीं है ।हज़ारों शंकर , विष्णु, व ब्रह्मा भी राम जी से द्रोह करने वाले की रक्षा नहीं कर सकते हैं ।
राम विमुख की इस जगत में कोई रक्षा नहीं कर सकता है । अत: राम सन्मुख होकर हर तरह से रक्षित सुरक्षित हो जाएँ । अस्तु राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

