श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

28 जून – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

मम गुन गावत पुलक सरीरा ।
गदगद गिरा नयन बह नीरा ।।
काम आदि मद दंभ न जाकें ।
तात निरंतर बस मैं ताकें ।।
( अरण्यकांड 15/6)
राम राम 🙏🙏
चित्रकूट में ऋषि, मुनियों से मिलते हुए राम जी पंचवटी में पर्णकुटी बना कर निवास करने लगें । वहाँ लक्ष्मण जी ने उनसे ज्ञान, वैराग्य, भक्ति के बारे में प्रश्न पूछे हैं । अपनी भक्ति के बारे में बताते हुए राम जी कहते हैं कि मेरे गुणों का गान करते हुए जिसका शरीर पुलकित हो जाए , वाणी गदगद व नेत्र अश्रुपूर्ण हो जाए , काम , मद , दंभ आदि जिसके न हो , मैं सदा उसके वश में रहता हूँ ।
राम जी ने भक्त के सदा अनुकूल रहने की जो बातें बताई है उसमें से एक भी हमारे पास नहीं है । ऐसे में सबसे पहले राम जी का गुणगान करना शुरू करें , शेष अन्य सब स्वत: आ जाएँगें । अथ ! अपनी बिगड़ी बनाना है तो राम गुणगान करें , राम यशगान करें 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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