26 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
काम क्रोध मद लोभ सब
नाथ नरक के पंथ
सब परिहरि रघुबीरहि
भजहु भजहिं जेहि संत ।।
( सुंदरकांड , दो. 38)
राम राम 🙏🙏
राम जी के आने की खबर लंका में पहुँच गई है , सब घबड़ाएँ हैं पर रावण किसी की नहीं सुनता है। विभीषण आते हैं , वे समझाते हैं । वे कहते हैं भैया ! कि काम , क्रोध , मद व लोभ सब नष्ट होने के रास्ते हैं , इन सबको छोड़ आप राम जी को भजें जिनको संत भजते हैं ।
काम , क्रोध, लोभ कष्ट देते हैं , जो भी इनके बस में हुआ , कष्ट पाया है जबकि राम जी सुख हैं , संतोष हैं , आनंद हैं इसीलिए संत राम भजते हैं और आनंद में रहते हैं । अस्तु आनंद हेतु ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

