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2१ अगस्त – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जिन्ह कर नामु लेत जग माहीं ।
सकल अमंगल मूल नसाहीं ।।
करतल होहिं पदारथ चारी ।
तेइ सिय रामु कहेउ कामारी ।।
( बालकांड 314/1)
राम राम 🙏🙏
जानकी जी के विवाह के अवसर पर जनकपुर को विविध प्रकार से सजाया गया है , उसे देखकर सारे देवगण व देवांड्गनाए प्रभाहीन हो जाती हैं , ब्रह्मा जी भी आश्चर्य में पड़ जाते हैं । तब शिव जी सबको समझाते हैं और कहते हैं कि जिनका नाम लेने से सारे अमंगल जड़ से नष्ट हो जाते हैं तथा धर्म , अर्थ , काम व मोक्ष सहज ही प्राप्त हो जाते हैं । ये वही श्रीसीताराम जी हैं ।
श्रीसीताराम जी का नाम मंगलकारी है , यह सकल अमंगलों को दूर करता है । धर्म, अर्थ , काम व मोक्ष चारों पदार्थ का यह दाता है । नाम जपने वालों के ऐश्वर्य को देखकर आप आश्चर्य न करें अपितु खुद नाम जाप में लग जाएँ । अथ ! जय सियाराम , जय जय सियाराम 🚩,
नमो राघवाय 🙏
आजु सुफल तपु तीरथ त्यागू।
आजु सुफल जप जोग बिरागू ।।
सफल सकल सुभ साधन साजू ।
राम तुम्हहि अवलोकत आजू ।।
( अयोध्याकाण्ड 106/3)
राम राम 🙏🙏
राम जी वन जाते हुए प्रयाग पहुँचे हैं , वे भरतद्वाज मुनि के आश्रम में जाते हैं , मुनि जी परम प्रसन्न होते हैं । वे राम जी कहते हैं कि हे राम जी ! आज आपको देखकर मेरा तप , तीर्थवास , त्याग सफल हो गया । आज मेरा जप , योग व वैराग्य सफल हो गया । आज मेरे सारे शुभ साधन सफल हो गये ।
राम दर्शन पा कर भरतद्वाज जी के तप , त्याग, जप योग सफल हो गये । हम आप भी अपने सारे कर्म तभी सफल मानें जिस दिन हमारा आपका मन राम जी में रमण करने लगे । अस्तु! अपने पूरे जीवन को धन्य करने के लिए राम जी में लगे , राम नाम में लगें । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
20 अगस्त – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जिन्ह कर नामु लेत जग माहीं ।
सकल अमंगल मूल नसाहीं ।।
करतल होहिं पदारथ चारी ।
तेइ सिय रामु कहेउ कामारी ।।
( बालकांड 314/1)
राम राम 🙏🙏
जानकी जी के विवाह के अवसर पर जनकपुर को विविध प्रकार से सजाया गया है , उसे देखकर सारे देवगण व देवांड्गनाए प्रभाहीन हो जाती हैं , ब्रह्मा जी भी आश्चर्य में पड़ जाते हैं । तब शिव जी सबको समझाते हैं और कहते हैं कि जिनका नाम लेने से सारे अमंगल जड़ से नष्ट हो जाते हैं तथा धर्म , अर्थ , काम व मोक्ष सहज ही प्राप्त हो जाते हैं । ये वही श्रीसीताराम जी हैं ।
श्रीसीताराम जी का नाम मंगलकारी है , यह सकल अमंगलों को दूर करता है । धर्म, अर्थ , काम व मोक्ष चारों पदार्थ का यह दाता है । नाम जपने वालों के ऐश्वर्य को देखकर आप आश्चर्य न करें अपितु खुद नाम जाप में लग जाएँ । अथ ! जय सियाराम , जय जय सियाराम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

