विद्युत संविदा कर्मियों की आकस्मिक मृत्यु पर दस लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन एवं विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ उप्र के बीच चेयरमैन की अध्यक्षता मे 14 अगस्त 2024 को शक्ति भवन में हुई एक घंटे की वार्ता में संविदा कर्मियों की सेवाकाल में आकस्मिक मृत्यु पर दस लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिए जाने पर सहमति बन गई थी ।इस निर्णय की स्वीकृति प्रबंधन द्वारा 31 अगस्त 2024 को जारी कार्यवृत्त द्वारा दी गई है। यह प्रावधान 1 अक्टूबर 2024 के बाद होने वाले अनुबंधों में लागू किया जाएगा।
महासंघ के नरही स्थित केंद्रीय कार्यालय में प्रांतीय अध्यक्ष आर.एस. राय की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में संविदा कर्मियों के हित में लिए गए उक्त निर्णय के लिए ऊर्जा निगमों के चेयरमैन आशीष कुमार गोयल (आईएएस) का आभार व्यक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी पुनीत राय ने संविदा श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 22 हज़ार रुपये और लाइनमैन, एस.एस.ओ, तथा कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए न्यूनतम 25 हज़ार रुपये वेतन की मांग की।
महासंघ के मीडिया प्रभारी और विद्युत मजदूर संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष विमल चन्द्र पांडेय ने बताया है कि बैठक में एक स्वर से उप्र पावर कारपोरेशन में रिक्त 70 हज़ार पदों पर पाँच वर्षों से अधिक समय से कार्यरत संविदा कर्मियों को वरिष्ठता के आधार पर नियमित नियुक्ति देने की मांग की गई।
बैठक में विद्युत मजदूर संगठन के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार, मध्यांचल अध्यक्ष संविदा रजनीश शर्मा उर्फ़ बबलू ,शिवकुमार,पुनीत मिश्रा,जितेंद्र कुमार, अजय भट्टाचार्य, राजीव रंजन राय, सतीश तिवारी, संजय श्रीवास्तव, बसंत लाल, राम प्रसाद पाल, भोला सिंह कुशवाहा, गुड्डू मिश्रा, लव कुश, सत्येंद्र शर्मा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

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