श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

1 अक्टूबर – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

कपि के ममता पूँछ पर
सबहि कहउँ समुझाइ ।
तेल बोरि पट बाँधि
पुनि पावक देहु लगाइ ।।
( सुंदरकांड , दो. 24)
राम राम 🙏🙏
हनुमान जी को मेघनाद नागपाश में बाँध कर रावण के पास लाया है , हनुमान जी ने उसे बहुत समझाया है पर रावण हनुमान जी की बातों को अनसुनी कर देता है और कहता है कि तेरी मृत्यु निकट है , हनुमान जी कहते हैं कि इसका उल्टा होगा । इस पर राक्षस हनुमान जी को मारने दौड़ते हैं । विभीषण कहते हैं कि कुछ अन्य दंड दिया जाए । रावण कहता है कि बंदर की ममता उसके पूँछ पर होती है , अत: तेल में कपड़ा डुबोकर इसकी पूँछ में लपेट कर आग लगा दो ।
जिसकी ममता पूँछ पर हो तो उसे जलाया जा सकता है परंतु जिसकी ममता राम जी में हो तो उसका कोई क्या बिगाड़ सकता है । अस्तु राम जी में ममता रख निश्चिंत रहें । अथ ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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