समय से स्तन कैंसर की पहचान, उसे रोकने में सहायक

समय से स्तन कैंसर की पहचान, उसे रोकने में सहायक

मैश हॉस्पिटल ने स्तन कैंसर पर जागरूकता के लिए शुरु किया ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कैंप

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

नई दिल्ली। ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के अवसर पर, मैश सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नई दिल्ली और नोएडा एक महीने तक चलने वाले मेगा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन कर रहा है। इस कैंप का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर, उन्हें समय रहते सही उपचार प्रति जागरूक करना है।

यह कैंप अत्याधुनिक तकनीकों जैसे एआई बेस्ड थर्मोग्राफी और सोनो-मेमोग्राफी के जरिए ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करेगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कंसल्टेशन के साथ, यह कैंप महिलाओं को शुरुआती चरण में स्तन कैंसर का पता लगाने में मदद करेगा।

भारत में स्तन कैंसर महिलाओं में सबसे आम प्रकार का कैंसर है। हालांकि, जब इसका शुरुआती चरण में पता लग जाता है, तो इसे सफलतापूर्वक ठीक किया जा सकता है। नियमित स्क्रीनिंग से स्तन कैंसर का शुरुआती स्तर पर ही पता लगाया जा सकता है, जब वह सबसे अधिक उपचार योग्य होता है।

इस विषय पर बात करते हुए, डॉ. सचिन अंबेकर, निदेशक – मिनिमल एक्सेस सर्जरी एवं मेडिकल डायरेक्टर , मैश हॉस्पिटल ने कहा, “स्तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन जागरूकता और नियमित स्क्रीनिंग से हम इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं। शुरुआती पहचान से न केवल इलाज का प्रभाव बढ़ता है, बल्कि उनके जीवन रक्षा की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। यह कैंप महिलाओं को आत्मनिरीक्षण के साथ-साथ स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान का अवसर प्रदान करता है।”

इसी प्रकार, डॉ. मृणाल शर्मा, विभाग प्रमुख – लेप्रोस्कोपिक कैंसर एवं जनरल सर्जरी, मैश मानस हॉस्पिटल ने भी अपनी बात साझा करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं इस शिविर का लाभ उठाएं और जागरूकता के साथ अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। एआई बेस्ड थर्मोग्राफी और सोनो-मेमोग्राफी जैसी तकनीकें पारंपरिक मैमोग्राम की तुलना में नॉन-इनवेसिव, बिना विकिरण और बिल्कुल दर्द रहित होती हैं। ये तकनीकें किसी भी उम्र की महिलाओं के लिए उपयुक्त हैं, खासकर उन महिलाओं के लिए जो पारंपरिक मेमोग्राम कराने में घबराती हैं।”

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