विनोबा सेवा आश्रम के नींव के पत्थर थे होरीलाल मिश्रा जी
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। वरिष्ठ समाजसेवी रमेश भइया ने बताया कि इसी वर्ष 86 वर्ष की।उम्र में मिश्रा जी ने अपने छोटे बेटे अतुल कुमार के पास चंडीगढ़ में अंतिम सांस ली। पिहानी हरदोई के निवासी हीरालाल जी 90 के दशक में आश्रम की सेवा में आए। पूरी सेवा और निष्ठा के साथ तथागत कुटीर में आने वाले हर व्यक्ति को अतिथि देवो भव की परंपरा का निर्वाह कर उससे सुंदर व्यवहार।उनका गुण था। सबेरे की चाय अतिथि गृह में मिश्रा जी स्वयं अपने लिए और मेहमान के लिए पूर्ण भाव से खुद बनाते थे। आश्रम के लोग किसी का नाम न लेने का व्रत शुरू।से निर्वाह कर रहे थे।।आश्रम परिवार उन्हें चाचा कहकर पुकारता था। चाची जी भी बहुत सेवाभावी सदैव आश्रम के प्रति समर्पित रहीं। उनके बेटे मनोज मिश्रा एक लंबे समय से आश्रम के कार्यक्रमों (स्वास्थ्य, अश्व कल्याण, शिक्षा) से जुड़कर काम करते रहे।अभी अल्मोड़ा में ब्रुक इंडिया के साथ जुड़े हैं। इसके अलावा विपुल जी अतुल जी आदि भाई है। मनोज मिश्रा की पत्नी श्रीमती सुमन मिश्रा अत्यंत व्यावहारिक महिला हैं।उसी के फलस्वरूप वे नगर पालिका पिहानी।की पार्षद हैं। मिश्रा जी के परिवार में कल विमला बहन,कमला बहन और कृष्ण पाल सिंह अलीहसन जी के साथ उनकी त्रियोदशी के अवसर पर जाना हुआ। उनका सेवाभावी स्वभाव सभी के याद में बसा हुआ था।

