उदारता, दया, क्षमता, क्षमा- ये है तुम्हारा धर्म ! प्रेम रावत
हरदोई (अम्बरीष कुमार सक्सेना)
मानवता और शांति संदेश वीडियो डे नाइट स्क्रीन के माध्यम से कस्बा सवायजपुर में दस दिवसीय चल रहा शिविर प्रेम रावत जी नें कहा
सबसे पहले तुममें शांति होनी चाहिए। और तब, जब तुममें शांति होगी, तब तुम इस संसार से शांति बनाओ! और जब तुम इस संसार से शांति बनाओगे, तब जाकर के इस संसार के अंदर शांति होगी। क्योंकि इस संसार में अशांति का कारण तुम्हीं हो। इस संसार के अंदर जो अशांति फैली हुई है, वह अधर्म के कारण फैली हुई है।
अधर्म जो मनुष्य करता है, क्योंकि उसको यही नहीं मालूम कि वो कौन है। उसको ये नहीं मालूम कि वो शेर है या बकरी ? कौन है वो ? उसको नहीं मालूम ! और अधर्म होता है।
सबसे पहला धर्म क्या है ?
सबसे पहला धर्म जो मनुष्य ने बनाया, वो धर्म है दया होनी चाहिए, उदारता होनी चाहिए। इसीलिए तो इन सब चीजों का वर्णन हर एक धार्मिक धर्म में मिलता है। चाहे वो हिन्दू हो, चाहे वो मुसलमान हो, चाहे वो सिख हो, चाहे वो ईसाई हो, चाहे वो बुद्धिष्ट हो! किसी भी धर्म का हो, सभी धर्मों में ये सारी चीजें बराबर हैं।
उदारता होनी चाहिए, दया होनी चाहिए, क्षमता होनी चाहिए, क्षमा होनी चाहिए ! ये है तुम्हारा धर्म ! और जब तुम क्षमा नहीं करते हो, जब तुम दया नहीं करते हो, तुम अधर्म करते हो! इस अधर्म नरक की बात छोड़ो ! नरक की बात छोड़ो ! क्यों छोड़ो ? क्योंकि अधर्म के कारण मनुष्य ने नरक यहीं बना दिया है। जहां स्वर्ग होना चाहिए, वहां मनुष्य ने नरक बना दिया है।
असली धर्म को पकड़ो ! और वो असली धर्म है मानवता का धर्म ! मानवता का धर्म ! जिसमें दया है, उदारता है! और जब उसको पकड़ोगे, अपने आपको पहचानोगे कि तुम कौन हो।
मैं बात कर रहा हूं, तुम्हारा ! जो मानव होने के नाते जो तुम्हारा धर्म है, इसको निभाना सीखो ! जिस दिन तुम इसको निभाने लगोगे, तुम्हारे जीवन के अंदर भी आनंद ही आनंद होगा।
कार्यक्रम 31 दिसम्बर तक चलेगा समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक
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इस अवसर पर आर्येन्द्र कुशवाहा,स्वामीदयाल कुशवाहा, सचिन स्वर्णकार, राजेन्द्र यादव,रविचरन जोशी, महाराज सिंह, राजेन्द्र यादव, जखराम कुशवाहा,छंगेलाल राजपूत, शिवाधार अगिनहोत्री, गुरुचरन कुशवाहा, रामऔतार कुशवाहा, बीके शर्मा, राजीव यादव , सुधा स्वर्णकार, पूनम यादव, पूजा शर्मा, रामनरेश सक्सेना, शिवलाल राजपूत. बेदपाल यादव, राममुरारी कुशवाहा, मांशी सक्सेना, सुशीला शर्मा, मोहनलाल कश्यप, जाग्रती, निक्की, सुखराम यादव, बलबीर सिंह, अमरसिंह,संतोष कुशवाहा, मदनपाल कुशवाहा, राजकुमार यादव आदि लोग मौजूद रहे

