01 जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
जो ग्यानिन्ह कर चित अपहरई ।
बरिआईं बिमोह मन करई ।।
जेहिं बहु बार नचावा मोही ।
सोइ ब्यापी बिहंगपति तोही ।।
( उत्तरकांड 58/2)
राम राम 🙏🙏
गरुड़ जी को राम जी को नागपाश में बधा हुआ देखकर मोह हो गया है , वे नारद जी के पास जाते हैं , अपना मोह सुनाते हैं । नारद जी कहते हैं कि राम जी की माया अति बलवान है, जो ज्ञानियों के चित्त का हरण कर लेती है और उनके मन में जबरन मोह उत्पन्न कर देती है तथा जिसने मुझे भी बहुत बार परेशान किया है, खगराज ! वही माया आपको भी व्याप गई है ।
जो माया गरुड़ को व्यापी है वही हम सब को भी व्यापी है । इससे उबरना चाहते हैं तो इधर उधर न भटके, बस मायाधीश राम जी की शरण लें , राम चरणों में शरण लें । अथ ! श्री राम जय राम , श्री राम जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

