19 जनवरी- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
कपि बल देखि सकल हियँ हारे।
उठा आपु कपि कें परचारे ।।
गहत चरन कह बालिकुमारा ।
मम पद गहें न तोर उबारा ।।
( लंकाकांड 34/1)
राम राम 🙏🙏
अंगद को रावण ने लबार कहा है, अंगद क्रोधित होते हैं और कहते हैं कि यदि मेरा पैर पृथ्वी से कोई टाल सके तो राम जी सीता को लिए बिना लौट जाएँगे । सभी निसाचरो ने प्रयास किया है , वे विफल रहें तब रावण स्वयं उठता है । जैसे ही रावण अंगद के पैर पकड़ने की कोशिश करता है, अंगद जी कहते हैं कि मेरा चरण पकड़ने से तेरा बचाव नहीं होगा ।
सबसे मज़बूत राम चरण हैं , जिसने भी इनको पकड़ लिया उसकी बिगड़ी बन जाती है । अथ ऐसा आचरण करें जो हमें राम चरणों की ओर ले जाएँ । अस्तु! जय जय राम चरण , जय सियाराम चरण 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

