श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

21 जनवरी – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

ता कहुँ प्रभु कछु अगम नहिं
जा पर तुम्ह अनुकूल ।
तव प्रभावँ बडवानलहि
जारि सकइ खलु तूल ।।
( सुंदरकाड, दो 33)
राम राम बंधुओं 🙏हनुमान जी सीता का पता लगाकर लौट आए हैं और वे सब बताते हैं । फिर राम जी के यह पूछने पर कि हनुमान आपने रावण रक्षित लंका को किस तरह से जलाया, हनुमान जी ने कहा कि सब कुछ आपके प्रताप से हुआ । आप जिसके अनुकूल होते हैं वह कुछ भी कर सकता है । आपकी कृपा से लघु रूई भी सागर की अग्नि को जला सकती है ।
मित्रों! राम जी अनुकूलता होते पर जीव के लिए कुछ भी असंभव नही रहता है । राम जी की अनुकूलता पाना है तो राम जी के नाम , रूप , लीला व धाम का सदा चिंतन व गुणगान करें । अथ ! जय राम , जय राम , जय जय राम 🚩🚩🚩
संकलन तरूण जी लखनऊ

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